चुनाव आयोग के मतदाता अधिकार दिवस का माले ने किया बहिष्कार
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 25 जनवरी – भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 25 जनवरी को देशभर में मतदाता अधिकार दिवस मनाने के आह्वान का भाकपा (माले) ने बहिष्कार किया.इसके विरोध में पार्टी ने देशव्यापी रूप से संविधान संकल्प – मताधिकार रक्षा दिवस’ मनाया और चुनाव आयोग की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़ा किया है.
पटना में बुद्ध स्मृति पार्क के समीप आयोजित जनसभा में माले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और मताधिकार से जुड़े मौजूदा हालात पर खुलकर अपनी बात रखी.
चुनाव आयोग पर 70 लाख नाम काटने का आरोप
सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने कहा कि एक तरफ चुनाव आयोग बिहार में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर लगभग 70 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा चुका है, वहीं अब पूरे देश में करोड़ों नागरिकों के नाम काटे जा रहे हैं. ऐसे हालात में मतदाता अधिकार दिवस मनाना जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है.
नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हो रही हैं.
गरीब, दलित और प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित
माले का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया का सबसे अधिक असर गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है. जिन लोगों की रोज़ी-रोटी पहले ही संकट में है, अब उनसे उनका संवैधानिक मताधिकार भी छीना जा रहा है.
नेताओं ने कहा कि जब लोकतंत्र का सबसे बुनियादी अधिकार ही सुरक्षित न हो, तब मतदाता अधिकार दिवस मनाना लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाने जैसा है.
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संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष तेज होगा
माले ने चुनाव आयोग के इस ,ढकोसले का पुरज़ोर विरोध करते हुए आम जनता से संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष तेज करने का आह्वान किया. पार्टी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा.
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में पार्टी नेता अमर, विधान पार्षद शशि यादव, फुलवारी के पूर्व विधायक गोपाल रविदास, के.डी. यादव, कुमार परवेज, रणविजय कुमार, आर.एन. ठाकुर, दिव्या गौतम, शंभूनाथ मेहता, मीरा दत्त, कमलेश शर्मा, उमेश सिंह, अनिल मेहता, राखी मेहता, मुर्तजा अली, प्रमोद यादव, अनिल अंशुमन, विनय कुमार, रामबली प्रसाद, प्रेमचंद सिंहा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए.
कार्यक्रम का संचालन पटना नगर सचिव जितेंद्र कुमार ने किया.
निष्कर्ष
माले द्वारा मनाया गया ‘संविधान संकल्प – मताधिकार रक्षा दिवस’ केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा की चेतावनी है। पार्टी का कहना है कि यदि मताधिकार पर हमले बंद नहीं हुए, तो जनआंदोलन और तेज़ किया जाएगा.

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