होटल, स्पा सेंटर और कई आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी पुलिस
तीसरा पक्ष ब्यूरो गोरखपुर (उत्तर प्रदेश),26 जनवरी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि 13 वर्षीय बच्ची को लगभग 15 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर यौन शोषण का शिकार बनाया गया. मामले में कई व्यक्तियों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है, जिनकी भूमिका की जांच पुलिस कर रही है.
प्रारंभिक आरोप: परिचित युवक द्वारा बंधक बनाकर शोषण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सबसे पहले बच्ची को एक परिचित युवक द्वारा कथित रूप से एक होटल में ले जाया गया, जहां उसे बंधक बनाकर यौन शोषण किया गया. आरोप है कि इसके बाद युवक मौके से फरार हो गया. घटना के बाद बच्ची को वहीं छोड़ दिया गया.
होटल स्टाफ पर भी गंभीर आरोप
मामले में आगे आरोप लगाया गया है कि जिस होटल में बच्ची को छोड़ा गया, वहां के मालिक और मैनेजर ने भी कथित तौर पर बच्ची के साथ जबरदस्ती किया .यह आरोप सामने आने के बाद होटल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है.
स्पा सेंटर में ले जाने और शोषण का आरोप
बताया जा रहा है कि बाद में बच्ची को एक स्पा सेंटर ले जाया गया, जहां उसे कथित रूप से बेचा गया. स्पा सेंटर के मालिक पर भी बच्ची के साथ यौन शोषण का आरोप है. पीड़िता की तबीयत खराब होने के बावजूद उसे दवाएं देकर शोषण किए जाने की बात भी सामने आई है.
स्वास्थ्य बिगड़ने पर खुला मामला
सूत्रों के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर होने पर मामला उजागर हुआ.इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल जांच कराई गई. मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है.
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पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें नाबालिग से जुड़े अपराध के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है. पॉक्सो एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की बात कही जा रही है.
प्रशासन और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
घटना के सामने आने के बाद प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं महिला अधिकारों से जुड़े सामाजिक संगठनों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है. संगठनों का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लग सके.
निष्कर्ष
गोरखपुर का यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है.जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
नोट :यह खबर योगिता भयाना के ट्वीट में दिए गए आरोपों और विवरणों के आधार पर तैयार की गई है

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