महिलाओं को वादे के दो लाख नहीं, युवाओं के लिए कोई ब्लूप्रिंट नहीं
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 3 फरवरी 2026 — बिहार विधानसभा में आज प्रस्तुत किया गया बजट राज्य सरकार द्वारा सिर्फ कागजी खानापूर्ति साबित हुआ है.राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने इसे जनता के लिए केवल दिखावटी और बनावटी बताते हुए कहा है कि बजट में न तो रोजगार देने का कोई स्पष्ट रोडमैप है और न ही योजनाओं को लागू करने के लिए कोई ठोस ब्लूप्रिंट मौजूद है.
बजट में झूठे दावे और चुनावी वादे
चित्तरंजन गगन ने बताया कि बजट का आकार केवल आंकड़ों को बड़ा दिखाने के लिए बढ़ाया गया है.बजट में किए गए वादों का कोई वास्तविक क्रियान्वयन योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं को दो लाख रुपए देने का वादा सिर्फ छल साबित हुआ है.बजट में यह स्पष्ट हुआ कि यह राशि अनुदान के रूप में नहीं बल्कि ऋण के रूप में दी जा रहा था, और इसलिए इस योजना के लिए कोई आवंटन ही नहीं किया गया है.
राजद प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एक करोड़ नौजवानों को रोजगार देने की घोषणाएं बजट में सिर्फ शब्दों तक सीमित हैं. युवा वर्ग के लिए कोई स्पष्ट योजना या ब्लूप्रिंट मौजूद नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रोजगार देने का दावा केवल दिखावा है.
किसानों का अपमान और कर्पूरी सम्मान योजना
बजट में किसानों के लिए कर्पूरी सम्मान योजना के तहत प्रति दिन 8 रुपए का भुगतान प्रस्तावित है. चित्तरंजन गगन ने इसे किसानों के अपमान के रूप में देखा और कहा कि यह जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के आदर्शों के भी अपमान के समान है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 8 रुपए प्रतिदिन से किसानों की समस्याओं का समाधान संभव है.
बिहार सरकार की वित्तीय स्थिति और केंद्र से असहमति
चित्तरंजन गगन ने यह भी कहा कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच प्री-बजट मीटिंग में बिहार की मांगों को ठुकराए जाने के कारण राज्य गंभीर आर्थिक संकट में है. इस संकट का असर बजट पर साफ देखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि आज का बजट केवल दिखावटी घोषणाओं से भरा हुआ है, लेकिन इसका कोई वास्तविक असर आम जनता की जिंदगी पर नहीं पड़ेगा.
रोजगार और युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं
राजद प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि युवाओं के लिए कोई व्यावहारिक रोजगार नीति बजट में नहीं दी गई है. सरकार केवल आंकड़ों और वादों पर ध्यान दे रही है, जबकि वास्तविक रोजगार सृजन के लिए कोई रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया.यह स्थिति युवाओं में निराशा बढ़ा सकती है और उन्हें रोजगार के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर कर सकती है.
महिलाओं के लिए योजनाएं केवल दिखावटी
चुनावी वादे के अनुसार महिलाओं को दिए जाने वाले दो लाख रुपए की घोषणा सिर्फ आंखों में धूल झोंकने वाली रणनीति है.बजट में इस योजना के लिए कोई वित्तीय आवंटन नहीं किया गया है. यह दर्शाता है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए यह बजट कोई ठोस कदम नहीं है, बल्कि केवल प्रचार का माध्यम है.
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बजट पर राजद की सख्त प्रतिक्रिया
चित्तरंजन गगन ने बजट की आलोचना करते हुए कहा है कि यह राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विफलताओं का प्रतिबिंब है. उन्होंने बताया कि बजट में कोई वास्तविक आर्थिक सुधार या निवेश रणनीति नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह केवल कागजी आंकड़ों की बजाय सच्ची और ठोस योजनाओं के साथ जनता के सामने आए.
राजद प्रवक्ता का मानना है कि बिहार के विकास के लिए बजट में निम्नलिखित कदम उठाना आवश्यक हैं,
युवाओं के लिए रोजगार सृजन की स्पष्ट रणनीति.
महिलाओं के लिए वास्तविक अनुदान और सशक्तिकरण योजनाओं का कार्यान्वयन.
किसानों की आय और सम्मान के लिए उचित वित्तीय प्रावधान.
केंद्र के साथ समन्वित और प्रभावी प्री-बजट नीति.
निष्कर्ष
बिहार विधानसभा में पेश यह बजट सिर्फ कागजी संख्या और दिखावटी घोषणाओं का परिणाम है. रोजगार, महिला सशक्तिकरण और किसानों की भलाई जैसी प्रमुख योजनाओं में कोई वास्तविक क्रियान्वयन योजना नहीं है.राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए कहा कि बजट केवल झूठे दावे और बनावटी आंकड़ों के माध्यम से चुनावी फायदे के लिए पेश किया गया है.
इस बजट से यह स्पष्ट होता है कि बिहार सरकार को केवल आंकड़ों में सुधार पर ध्यान देने के बजाय सच्चे विकास और जनता के भले के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है.

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