उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 6 फरवरी 2026 भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाई गई. एससी मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.सभी ने संत रविदास की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया.

संत रविदास के विचार समाज को जोड़ने वाले: सम्राट चौधरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचार कालजयी हैं और आज भी समाज को जोड़ने का काम करते हैं. उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने लगभग 600 वर्ष पहले समाज को यह संदेश दिया कि भेदभाव, वैमनस्य और संघर्ष से नहीं, बल्कि समरसता और एकता से समाज आगे बढ़ता है.
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत रविदास किसी एक वर्ग, जाति या समुदाय तक सीमित नहीं हैं. वे पूरे समाज के प्रेरणास्रोत हैं. उन्होंने कहा, हम जातियों में बंटे हो सकते हैं, लेकिन समाज हमारा साझा है. संत रविदास ने यही सिखाया कि सामाजिक न्याय तभी संभव है, जब सबके साथ न्याय हो.
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार इसी भावना के अनुरूप समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रही है, ताकि एक समरस और मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो सके.
कर्म और कौशल ही मनुष्य की पहचान: विजय कुमार सिन्हा
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में संत रविदास के जीवन दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा और आत्मबल को किसी भी सामाजिक बंधन में कैद नहीं किया जा सकता. संत रविदास ने जन्म के आधार पर नहीं, बल्कि कर्म और कौशल के आधार पर मनुष्य की पहचान तय करने का संदेश दिया.
विजय सिन्हा ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ने मानव कल्याण, राष्ट्रसेवा और समाज में फैली कुरीतियों के उन्मूलन के लिए अपने पूरे जीवन को समर्पित कर दिया.उनके ओजस्वी और आध्यात्मिक विचारों का प्रभाव आज भी मानवता को सही दिशा दिखा रहा है.
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि यदि संत रविदास के बताए मार्ग पर चला जाए, तो समाज में व्याप्त भेदभाव, असमानता और सामाजिक कुरीतियों को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है.

समता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के प्रतीक संत रविदास
उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि संत रविदास के विचार सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित हैं.ये मूल्य आज भी एक सशक्त, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस दौर में थे।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने यह दिखाया कि सच्ची भक्ति और सच्चा मानव धर्म वही है, जिसमें सभी के प्रति समान भाव हो और किसी के साथ भेदभाव न किया जाए.
जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ बुलंद आवाज: लखिन्द्र पासवान
भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लखिन्द्र पासवान ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से जातिवाद, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ साहसिक आवाज उठाई.उन्होंने समाज को समानता, भाईचारे और मानव गरिमा का संदेश दिया.
लखिन्द्र पासवान ने कहा कि संत रविदास का योगदान भारतीय समाज के लिए अमूल्य है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकारें कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, जो संत रविदास के विचारों के अनुरूप है.
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बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक जनक राम, संगीता कुमारी, अनिल राम, नंद किशोर राम, भाजपा महामंत्री शिवेश राम, पूनम रविदास, अनामिका पासवान, श्याम सुंदर रजक, मनोरमा कुमारी, सुग्रीव रविदास, कुंअर विजय पासवान, संजय राम, प्रदीप राउत, गजेंद्र पासवान सहित प्रदेश के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.सभी ने संत रविदास के विचारों को आत्मसात करने और समाज में समरसता फैलाने का संकल्प लिया.
संत रविदास की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास की शिक्षाएं आज के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं. उनका जीवन हमें सिखाता है कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब समान अवसर, सम्मान और न्याय सभी को मिले.
निष्कर्ष
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित संत रविदास जयंती का यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का अवसर था, बल्कि समाज को एकजुट करने और समरसता के विचार को मजबूत करने का मंच भी बना। संत रविदास के कालजयी विचार आज भी सामाजिक न्याय, समानता और भाईचारे के मार्गदर्शक बने हुए हैं.

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