सरकार के 100 दिन: बिहार की बहू-बेटियों पर बढ़ते अपराध और विफल शासन का आईना

| BY

Ajit Kumar

बिहार
बिहार सरकार के 100 दिन पर राजद नेता भाई अरुण कुमार का बयान

महिला सुरक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर सरकार पूरी तरह विफल : राजद

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 8 फरवरी बिहार की वर्तमान सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश महासचिव भाई अरुण कुमार ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा किया हैं.उन्होंने कहा कि सरकार अपने 100 दिनों में कोई ठोस उपलब्धि गिनाने में पूरी तरह विफल रहा है.अपराध, बेरोज़गारी, महिला सुरक्षा और किसान कल्याण जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार का प्रदर्शन शून्य के बराबर रहा है.

100 दिन, उपलब्धियां शून्य: राजद का आरोप

भाई अरुण कुमार ने कहा कि सरकार के 100 दिन केवल आंकड़ों और खोखले दावों तक सीमित हैं.ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है.उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने न तो कानून-व्यवस्था को मजबूत किया और न ही जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान किया. खासकर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है.

बिहार की बहू-बेटियों पर बढ़ते अपराध

राजद नेता ने कहा कि आज पूरा बिहार बेटियों पर हो रहे अत्याचारों से दहशत में है. लगभग हर जिले से दुर्व्यवहार, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं.अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें प्रशासन या कानून का कोई डर नहीं रह गया है.

उन्होंने विशेष रूप से राजधानी पटना की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि बिहार के दो जिलों की बेटियां, जो पटना में नीट की तैयारी कर रही थीं, उनके साथ अमानवीय अपराध किया गया.इसके बावजूद प्रशासन पूरे मामले को आत्महत्या करार देने में जुटा रहा, जो बेहद शर्मनाक है.

प्रशासन पर लीपापोती का आरोप

भाई अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और प्रशासन इस गंभीर मामले में सच्चाई सामने लाने के बजाय लीपापोती करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराने से बच रही है, जिससे यह साफ होता है कि सरकार कुछ छिपाना चाहती है.

उन्होंने कहा कि यदि सरकार सच में न्याय चाहती है तो निष्पक्ष जांच से क्यों डर रही है?

दरभंगा की दिल दहला देने वाली घटना

राजद प्रदेश महासचिव ने दरभंगा जिले की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दिया गया. यह घटना साबित करता है कि अपराधियों को सरकार का कोई भय नहीं है. जब से यह सरकार बना है, तब से अपराधियों का तांडव पूरे बिहार में देखने को मिल रहा है और इसका सबसे बड़ा शिकार बेटियां बन रही हैं.

बेटियों को पटना भेजने से डर रहे अभिभावक

भाई अरुण कुमार ने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए पटना भेजने से पहले दस बार सोचने को मजबूर हैं.राजधानी में भी अगर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सरकार की सबसे बड़ी विफलता है.

रोजगार और नौकरी के वादे भी साबित हुए झूठे

महिला सुरक्षा के साथ-साथ उन्होंने रोजगार और सरकारी नौकरी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा.उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन 100 दिन बीतने के बाद भी रोजगार के मोर्चे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

युवाओं को नौकरी देने के वादे फिसड्डी साबित हुए हैं.न कोई नई बहाली, न कोई स्पष्ट रोडमैप—युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है.

ये भी पढ़े :जब सांसद को भी अस्पताल में बेड नहीं: पप्पू यादव का सवाल और सिस्टम पर करारा प्रहार
ये भी पढ़े :अल्पसंख्यक होना आज डर क्यों बन गया?

किसान भी बेहाल, यूरिया तक नहीं मिल रहा

भाई अरुण कुमार ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सुविधा दिलाने में भी पूरी तरह असफल रही है. किसानों को समय पर यूरिया और खाद तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है.सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, लेकिन ज़मीन पर किसानों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है.

हर मोर्चे पर विफल सरकार

राजद नेता ने कहा कि चाहे कानून-व्यवस्था हो, महिला सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा या किसान कल्याण,हर क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां शून्य नज़र आती हैं.100 दिन का यह कार्यकाल जनता के लिए निराशाजनक रहा है.

निष्कर्ष: जनता देगी जवाब

अपने बयान के अंत में भाई अरुण कुमार ने कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है. सरकार चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन सच्चाई छिप नहीं सकती. आने वाले समय में जनता इस विफल सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल बिहार की बहू-बेटियों, युवाओं और किसानों की आवाज़ बनकर सड़कों से सदन तक संघर्ष करता रहेगा.

Trending news

Leave a Comment