भाजपा-नीतीश सरकार पर RJD का तीखा हमला: बिहार में न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल

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Ajit Kumar

बिहार
बिहार में भाजपा-नीतीश सरकार के खिलाफ RJD का विरोध, न्याय और CBI की भूमिका पर सवाल

भाजपा-नीतीश सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल सकता – RJD

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना:10 फरवरी — बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान चरम पर है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने आधिकारिक X (Twitter) हैंडल @RJDforIndia से एक तीखा बयान जारी करते हुए भाजपा-नीतीश सरकार पर न्याय व्यवस्था को ध्वस्त करने, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और बढ़ते अपराध पर नियंत्रण न होने जैसे गंभीर आरोप लगाया हैं. यह बयान न केवल राजनीतिक आरोप है, बल्कि बिहार के प्रशासनिक और संवैधानिक ढांचे पर एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है.

भाजपा-नीतीश सरकार में किसी को न्याय नहीं मिल सकता – RJD

RJD के X पोस्ट में साफ शब्दों में कहा गया है कि भाजपा-नीतीश सरकार के शासन में न्याय मिलना असंभव हो गया है. पार्टी का आरोप है कि चाहे सृजन घोटाला हो या फिर मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड, इन सभी मामलों में CBI जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां सत्ताधारी गठबंधन के दोषी लोगों को बचाने का काम कर रहा हैं.

RJD का कहना है कि जिन संस्थाओं से निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की उम्मीद किया जाता है, वही संस्थाएं अब राजनीतिक दबाव में काम कर रहा हैं.

सृजन घोटाला और बालिका गृह कांड: आज भी अधूरा न्याय

सृजन घोटाला बिहार के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक रहा है, जिसमें सरकारी पैसों की बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई. वहीं मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. RJD का आरोप है कि इन दोनों मामलों में आज तक प्रभावशाली आरोपियों को सजा नहीं मिल पाई, जिससे यह संदेश गया कि सत्ता के करीब रहने वाले लोग कानून से ऊपर हैं.

पार्टी का दावा है कि CBI, ED जैसी एजेंसियां बीजेपी-जेडीयू से जुड़े दोषियों पर हाथ डालने से बचती हैं, जबकि विपक्षी नेताओं पर इन्हीं एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है.

बिहार में बढ़ता अपराध और सरकार की नाकामी

RJD ने अपने बयान में यह भी कहा कि नीतीश सरकार का अपराध पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है. राज्य में हत्या, बलात्कार, लूट और दलित-पिछड़ों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इसके बावजूद सरकार जमीनी हकीकत स्वीकारने के बजाय सवाल पूछने वालों पर ही भड़क जाता है.

पार्टी के अनुसार, जब विपक्ष विधानसभा या सार्वजनिक मंचों पर सरकार से जवाब मांगता है, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संयम खो बैठते हैं और मर्यादा के खिलाफ व्यवहार करते हैं.

मुख्यमंत्री के मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

RJD के X पोस्ट का सबसे तीखा और चर्चा में रहने वाला हिस्सा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति को लेकर है. पोस्ट में कहा गया है कि अगर मुख्यमंत्री का मानसिक स्वास्थ्य उनका साथ नहीं दे रहा है, तो उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिये.

यह बयान भले ही राजनीतिक हो, लेकिन इसके पीछे विपक्ष का यह तर्क है कि राज्य का नेतृत्व पूरी तरह सक्षम, संतुलित और जवाबदेह होना चाहिये, क्योंकि मुख्यमंत्री का हर निर्णय करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है.

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संवैधानिक संस्थाओं की साख पर संकट

RJD ने यह भी इशारा किया कि आज देश में CBI, ED और अन्य केंद्रीय संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहा हैं. जब ये एजेंसियां केवल विपक्ष के खिलाफ सक्रिय दिखें और सत्ता पक्ष के मामलों में मौन साध लें, तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होता है.

बिहार के मामलों को उदाहरण के रूप में पेश करते हुए RJD ने कहा कि न्याय में देरी और चुनिंदा कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत है.

निष्कर्ष: सवाल सिर्फ राजनीति का नहीं, जनता के भविष्य का है

RJD का यह हमला केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था, न्याय प्रणाली और प्रशासनिक ईमानदारी पर गंभीर बहस की मांग है. सृजन घोटाला, बालिका गृह कांड और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दे आज भी जनता के ज़हन में हैं.

अब सवाल यह है कि,

क्या सरकार इन आरोपों का ठोस जवाब देगी?

क्या दोषियों को सजा मिलेगी?

या फिर केंद्रीय एजेंसियों पर उठते सवाल और गहरे होते जाएंगे?

बिहार की जनता इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रही है.

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