मामले में एक अन्य आरोपी सहयोगी मौनी बाबा फरार, पुलिस की तलाश तेज
तीसरा पक्ष ब्यूरो दरभंगा (बिहार): बिहार के दरभंगा जिले से सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले में कथावाचक श्रवण दास महाराज को नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 17 वर्षीय लड़की की शिकायत और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर की गई है.मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत भी केस दर्ज किया गया है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कथावाचक श्रवण दास महाराज ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने का दावा किया जा रहा है.
जांच में क्या सामने आया
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया है. इसके साथ ही मेडिकल जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया. चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए कानून के तहत पॉक्सो एक्ट की सख्त धाराएं लगाई गई हैं.
दरभंगा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि करने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया.आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
सहयोगी गुरु मौनी बाबा फरार
इस मामले में एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है. पुलिस के अनुसार, श्रवण दास महाराज के सहयोगी बताए जा रहे गुरु मौनी बाबा भी इस मामले में आरोपी हैं. फिलहाल वे फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस ने उनकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है.
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं.
स्रोत और खबर की पृष्ठभूमि
यह मामला सबसे पहले महिला अधिकारों से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना द्वारा सार्वजनिक किया गया.
योगिता भयाना ने यह जानकारी अपने सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट (@yogitabhayana) पर साझा की, जिसमें उन्होंने कथावाचक श्रवण दास महाराज की गिरफ्तारी, नाबालिग से यौन शोषण के आरोप और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया.
यह जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है.हालांकि, इसके बाद पुलिस कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि पुलिस सूत्रों से हुई है.
यह खबर किसी सरकार या प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी और पुलिस जांच के आधार पर रिपोर्ट की गई है.
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
इस मामले में:
पुलिस स्तर पर गिरफ्तारी और केस दर्ज होने की पुष्टि की गई है.
राज्य सरकार या जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है.
आरोपी पक्ष की ओर से भी अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया जारी है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
सोशल मीडिया और समाज में प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष और तेज़ न्याय की मांग की है. कुछ लोगों ने धार्मिक या आध्यात्मिक पहचान की आड़ में अपराध के मामलों पर भी सवाल उठाए हैं.
हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार केवल अदालत को है और फैसला साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा.
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कानूनी पक्ष
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि नाबालिग से यौन शोषण के आरोप अदालत में सिद्ध होते हैं, तो पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है. इस तरह के मामलों में जमानत के नियम भी सख्त होते हैं और सुनवाई को प्राथमिकता के आधार पर चलाने का प्रावधान है.
निष्कर्ष
दरभंगा में कथावाचक श्रवण दास महाराज की गिरफ्तारी का मामला एक बार फिर यह रेखांकित करता है कि कानून के सामने किसी की भी सामाजिक या धार्मिक पहचान मायने नहीं रखती। फिलहाल मामला जांचाधीन है और अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा.
नोट :यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पोस्ट, पीड़िता की एफआईआर और पुलिस सूत्रों पर आधारित है.
मामला जांच के अधीन है और सभी आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा.

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