बिहार में बढ़ता अपराध, राजद का नीतीश-भाजपा सरकार पर हमला

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Ajit Kumar

बिहार
बिहार में बढ़ते अपराध पर राजद प्रवक्ता अरुण कुमार यादव का बयान

24 घंटे में एक दर्जन से अधिक हत्याओं का दावा, कानून-व्यवस्था पर सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 20 जनवरी 2026 — बिहार में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं.

राजद प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्यभर में हत्या की एक दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने कहा कि ये घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि बिहार में आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और शासन-प्रशासन अपराध रोकने में विफल साबित हो रहा है.

विभिन्न जिलों में हत्या की घटनाओं का हवाला

अरुण कुमार यादव ने अलग-अलग जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समस्तीपुर में एक डॉक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वहीं, बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र में घर में सो रहे एक किसान की गोली मारकर हत्या की घटना सामने आई.

उन्होंने बताया कि गोपालगंज के थावे क्षेत्र में एक महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई, जबकि पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित लखौरा थाना क्षेत्र में एक युवक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया.इसके अलावा वैशाली के बरांटी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की धारदार हथियार से गर्दन रेतकर हत्या किए जाने की घटना भी सामने आई है.

राजद प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ये केवल कुछ उदाहरण हैं, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है.

अपराधी और भ्रष्टाचारी सबसे अधिक समृद्ध हुए

राजद ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपनी, समृद्धि यात्रा के दौरान जनता को यह बताना चाहिए कि एनडीए के करीब 20 वर्षों के शासनकाल में अपराधी और भ्रष्टाचारी सबसे अधिक समृद्ध क्यों हुए.

अरुण कुमार यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में अपराध पनपा है और संगठित व खुदरा भ्रष्टाचार करने वाले लोग आर्थिक रूप से मजबूत होते चले गए, जबकि आम जनता बेरोजगारी और महंगाई से जूझती रही.

20 वर्षों में 16 यात्राएं, फिर भी विकास पर सवाल

राजद प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार अपने 20 वर्षों के शासनकाल में अब तक 15 यात्राएं कर चुके हैं और यह उनकी 16वीं यात्रा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य का समग्र विकास नहीं हो सका है.

उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है. बेरोजगारी, महंगाई, बाढ़, सूखा, पलायन, भ्रष्टाचार और अपराध जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.

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कर्ज और आर्थिक स्थिति पर भी हमला

राजद ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा है.अरुण कुमार यादव के अनुसार बिहार सरकार प्रतिदिन लगभग 65 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में चुका रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के प्रत्येक नागरिक पर औसतन 25 हजार रुपये से अधिक का कर्ज है.

उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रति व्यक्ति आय, निवेश और अन्य विकास सूचकांकों में बिहार लगातार पिछड़े राज्यों में शामिल है और कई मामलों में अंतिम पायदान पर खड़ा है.

राजनीतिक बयान या जन सरोकार?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कानून-व्यवस्था और विकास का मुद्दा एक बार फिर बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गया है. जहां विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सरकार की ओर से इन आरोपों पर समय-समय पर कानून-व्यवस्था बेहतर होने के दावे किए जाते रहा हैं.

हालांकि, बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर आम जनता की चिंता लगातार बढ़ रही है और राज्य में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

निष्कर्ष

राजद द्वारा लगाए गए आरोप बिहार में कानून-व्यवस्था, शासन और विकास के मुद्दों को एक बार फिर बहस के केंद्र में ले आया हैं. अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और अपराध नियंत्रण के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं.

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