बिहार में महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 21 जनवरी 2026 — बिहार में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं—व्यभिचार, बलात्कार और हत्याओं,के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) महिला प्रकोष्ठ की ओर से आज पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में जोरदार आक्रोश मार्च निकाला गया है . इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अनीता भारती ने किया.मार्च के माध्यम से राज्य सरकार और शासन-प्रशासन पर महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया गया.

राजद कार्यालय से आयकर गोलंबर तक निकला मार्च
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि सैकड़ों की संख्या में महिलाएं हाथों में कार्डबोर्ड लिए, जिन पर बेटी बचाओ, महिलाओं को न्याय दो जैसे नारे लिखे थे, राजद पार्टी कार्यालय से आयकर गोलंबर तक आक्रोश मार्च में शामिल हुईं.प्रदर्शनकारी महिलाएं गगनभेदी नारों के साथ नीतीश सरकार से जवाब मांग रही थीं और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की कथित उदासीनता पर सवाल उठा रही थीं.
बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं – अनीता भारती
आक्रोश मार्च को संबोधित करते हुए राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने कहा कि बिहार में, विशेषकर राजधानी पटना में, महिलाओं, छात्राओं और लड़कियों की सुरक्षा पूरी तरह से खतरे में है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को बचाने का खेल चल रहा है और पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है.
उन्होंने कहा कि सरकार केवल नारों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार गंभीर कदम उठाने में नाकाम साबित हो रही है.

छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पटना सहित बिहार के कई हिस्सों में छात्रावासों की आड़ में अवैध गतिविधियां और सेक्स रैकेट तक संचालित हो रहा हैं. इस वजह से अभिभावक अपनी बेटियों को पटना से बाहर निकालने को मजबूर हो रहा हैं. यह स्थिति राज्य में शिक्षा और महिला सुरक्षा दोनों के लिए बेहद चिंताजनक है.
राजद नेताओं का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो बिहार में लड़कियों की उच्च शिक्षा पर गहरा असर पड़ेगा. सरकार की निष्क्रियता से अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं.
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नीतीश सरकार पर सीधा हमला
आक्रोश मार्च के दौरान नीतीश सरकार शर्म करो जैसे नारे लगाए गए. वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने में पूरी तरह विफल रही है. कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है.
राजद नेताओं ने मांग की कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और महिला सुरक्षा को लेकर ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं.
बड़ी संख्या में नेता और महिलाएं रहीं मौजूद
इस प्रदर्शन में कई प्रमुख महिला नेता और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से पूर्व विधायक रेखा पासवान, प्रदेश प्रवक्ता सारिका पासवान, राजद महिला प्रकोष्ठ की पूर्व अध्यक्ष आभा लता, सेवा यादव, मुकुंद सिंह, रेणु सहनी, सुनीता कुशवाहा, विजय लक्ष्मी, अबगीना खान, शोभा पासवान, प्रो. गीता देवी, सुचित्रा चौधरी, पूजा शेखर यादव, रत्ना प्रिया, डॉ. रुबी कुमार यादव, स्नेहा चौधरी, नसीमा जमाल, गुड़िया देवी, मुन्नी देवी, रागिनी रानी, अर्चना कुमारी, सोनी यादव सहित सैकड़ों महिलाएं शामिल थीं.
इसके अलावा राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव, नंदू यादव, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुमर राय, युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव, पटना जिला अध्यक्ष दीनानाथ सिंह यादव, उपेंद्र चंद्रवंशी, अफरोज आलम, विमल राय, नरेंद्र कुमार यादव, गणेश कुमार यादव, मनोज कुमार यादव, गुड्डू यादव सहित कई नेता उपस्थित रहे.
निष्कर्ष
राजद महिला प्रकोष्ठ का यह आक्रोश मार्च बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता और जनआक्रोश को दर्शाता है.पार्टी का कहना है कि जब तक महिलाओं को न्याय और सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे आंदोलन जारी रहेंगे। यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि महिला सुरक्षा को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है.

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