भाई अरुण कुमार ने कहा—यह बजट खास लोगों का, आम जनता का नहीं
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 1 फरवरी 2026— केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026 को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश महासचिव भाई अरुण कुमार ने इस बजट को आम जनता के हितों से विमुख बताते हुए कहा है कि यह बजट,आम जनता के लिए आम नहीं, बल्कि चुनिंदा और खास वर्गों के लिए तैयार किया गया बजट है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में न केवल सामाजिक न्याय के सवालों को नजरअंदाज किया गया है, बल्कि बिहार जैसे बड़े और पिछड़े राज्य के साथ खुला छल किया गया है.
बिहार के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार
भाई अरुण कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर बिहार को विकास की मुख्यधारा से दूर रखने का काम किया है. देशभर में हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर की घोषणा की गई, लेकिन बिहार को पूरी तरह इससे बाहर रखा गया, जो राज्य के करोड़ों लोगों के साथ अन्याय है.
उन्होंने कहा कि बिहार श्रम, संसाधन और जनसंख्या के लिहाज़ से देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देता है, इसके बावजूद बजट में बिहार के लिए कोई ठोस और विशेष प्रावधान नहीं किया गया.
छात्रों और युवाओं के लिए निराशाजनक बजट
राजद नेता ने कहा कि यह बजट छात्रों और युवाओं की उम्मीदों पर भी खरा नहीं उतरता.
उन्होंने कहा,न तो शिक्षा को सस्ता बनाने की कोई ठोस योजना आई.
न प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस, छात्रवृत्ति या छात्रावास पर कोई राहत.
न बेरोज़गारी से जूझ रहे युवाओं के लिए नए रोजगार पैकेज.
भाई अरुण कुमार ने कहा कि युवाओं को केवल सपने दिखाए गए हैं, ज़मीन पर उतरने वाली योजनाएँ गायब हैं.
बुजुर्गों और मध्यम वर्ग की अनदेखी
उन्होंने कहा कि बजट में बुजुर्गों के लिए भी कोई विशेष घोषणा नहीं की गई.
पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह चुप रही.
मध्यम वर्ग को लेकर उन्होंने कहा कि महँगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन कर राहत या जीवन यापन को आसान बनाने वाला कोई कदम बजट में दिखाई नहीं देता.
रेलवे छूट खत्म करना दुर्भाग्यपूर्ण
भाई अरुण कुमार ने बजट में रेलवे से जुड़ी घोषणाओं पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि,पहले रेलवे में जो छूट आम जनता, बुजुर्गों और छात्रों को मिलती थी, उसे भी इस बजट में वापस नहीं लाया गया। यह पूरी तरह जनविरोधी फैसला है.
उन्होंने कहा कि रेलवे आम लोगों का सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन सरकार इसे लगातार महँगा बनाती जा रही है.
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असमानता बढ़ाने वाला बजट
राजद प्रदेश महासचिव ने आरोप लगाया कि यह बजट सामाजिक और आर्थिक असमानता को और गहरा करेगा।
उन्होंने कहा कि,
बड़े कॉरपोरेट वर्ग को राहत
आम किसान, मजदूर और गरीब उपेक्षित
राज्यों की ज़रूरतों की अनदेखी
यह बजट सबका साथ, सबका विकास” के दावे की सच्चाई को उजागर करता है.
राजद का स्पष्ट रुख
भाई अरुण कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल इस जनविरोधी बजट के खिलाफ आवाज़ उठाता रहेगा और बिहार के अधिकारों के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगा.
उन्होंने कहा कि जब तक बिहार को उसका हक़ नहीं मिलेगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी.
निष्कर्ष
आम बजट 2026 को लेकर राजद की यह प्रतिक्रिया केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि बिहार और आम जनता की उस पीड़ा की अभिव्यक्ति है, जो बार-बार बजट में खुद को उपेक्षित महसूस करती है.यह बजट विकास से ज़्यादा असमानता और केंद्रीयकरण को बढ़ावा देता दिखाई देता है.

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