प्रतिनिधि चुनाव और संगठनात्मक मजबूती का महत्वपूर्ण अवसर
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 26 मार्च 2026: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी–लेनिनवादी) भाकपा–माले का 12वां बिहार राज्य सम्मेलन इस वर्ष 16–18 मई 2026 को दरभंगा में आयोजित किया जायेगा.यह सम्मेलन पार्टी के संगठनात्मक जीवन और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.
पार्टी के राज्य सचिव कुणाल ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि राज्य सम्मेलन की तैयारी पूरे बिहार में जोरों-शोरों से चल रही है. इसके पहले विभिन्न जिलों में जिला सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके समापन के बाद राज्य स्तर पर यह महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम संपन्न होगा.
राज्य सम्मेलन का उद्देश्य और महत्व
भाकपा–माले के नेताओं के अनुसार यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा, जन आंदोलनों के विकास, संगठन के विस्तार और आगामी कार्यभार पर विचार-विमर्श का अवसर है.सम्मेलन में राज्य भर से चुने गए प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव व सुझाव साझा करेंगे.
राज्य सम्मेलन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह समय देश और राज्य दोनों स्तरों पर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का है.ऐसे समय में पार्टी के लिए अपने संगठन को मजबूत करना और जन मुद्दों पर संघर्ष को तेज करना अत्यंत आवश्यक है.
प्रतिनिधियों का चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया
पार्टी के संगठन विभाग ने राज्य सम्मेलन के प्रतिनिधियों के चुनाव हेतु अधिसूचना जारी कर दिया है.इस अधिसूचना के अनुसार, पार्टी सदस्यता के आधार पर विभिन्न जिलों से प्रतिनिधियों का चयन किया जायेगा. प्रत्येक पूर्ण सदस्य जो निर्धारित शर्तें पूरी करता है, वह प्रतिनिधि पद के लिए चुनाव लड़ सकता है.
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए इसे दो चरणों में संपन्न कराया जाएगा.बड़े जिलों जैसे भोजपुर, सिवान और पटना ग्रामीण में प्रतिनिधियों का चुनाव एरिया निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाएगा, जबकि अन्य जिलों में जिला निर्वाचक मंडल इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा.पूरी प्रक्रिया की निगरानी संगठन विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत किया जायेगा , ताकि चुनाव निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके.
राज्य सचिव कुणाल ने सभी जिलों, एरिया कमेटियों और शाखाओं से अपील किया है कि अधिसूचना को जल्द से जल्द हर स्तर तक पहुंचाया जाए.उनका कहना है कि अधिक से अधिक पार्टी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने से राज्य सम्मेलन व्यापक जनाधार और सशक्त प्रतिनिधित्व के साथ संपन्न होगा.
संगठन की मजबूती और जन मुद्दों पर फोकस
भाकपा–माले के लिए यह राज्य सम्मेलन संगठन की मजबूती और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली का प्रतीक है. पार्टी मानती है कि लोकतंत्र का विकास केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी के भीतर सदस्यता आधारित लोकतांत्रिक भागीदारी से संगठन और मजबूत बनता है.
राज्य सचिव ने कहा कि इस सम्मेलन में संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ राज्य में चल रहे सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों की समीक्षा भी की जाएगी. इससे पार्टी को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन मुद्दों पर जनता का विश्वास अधिक है और किस क्षेत्र में पार्टी को अपनी रणनीति को मजबूत करना है.
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सम्मेलन की तैयारियाँ और उम्मीदें
भाकपा–माले के जिला कमेटियों ने सम्मेलन की तैयारियों में तेजी ला दिया है. सभी जिलों में जिला सम्मेलन और सदस्यता आधारित चुनाव के आयोजन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य सम्मेलन में हर जिले का सशक्त प्रतिनिधित्व हो.
पार्टी का उद्देश्य है कि यह सम्मेलन न केवल संगठन के भीतर लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा दे, बल्कि राज्य और देश में बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पार्टी को तैयार करे.इस प्रक्रिया से पार्टी के कार्यकर्ता अपने अनुभव साझा कर सकेंगे और संगठन के निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे.
निष्कर्ष
भाकपा–माले का 12वां बिहार राज्य सम्मेलन न केवल संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, बल्कि यह राज्य और देश के राजनीतिक परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन, सदस्यता आधारित भागीदारी और व्यापक जनाधार के साथ यह सम्मेलन पार्टी को एक नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा.
इस प्रकार, 16–18 मई 2026 को दरभंगा में आयोजित यह राज्य सम्मेलन पार्टी के संगठनात्मक जीवन और लोकतंत्र की दिशा में एक नया अध्याय साबित होगा.

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