बिहार बजट 2026-27: रोजगार, महिला सशक्तिकरण और विकास की मजबूत नींव

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Ajit Kumar

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बिहार बजट 2026-27: रोजगार, महिला सशक्तिकरण और विकास की मजबूत नींव

संजय सरावगी ने बताया – विकसित बिहार, समृद्ध बिहार की दिशा में ऐतिहासिक बजट

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 3 फरवरी 2026 — बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बिहार बजट राज्य के समावेशी और संतुलित विकास की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है. इस बजट को लेकर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे विकासोन्मुखी, जनकल्याणकारी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया है. उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्तिकरण और बिहार को आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई मजबूती देने वाला साबित होगा.

3.47 लाख करोड़ का बजट: विकास की गति का संकेत

3.47 लाख करोड़ का बजट: विकास की गति का संकेत

संजय सरावगी ने कहा कि इस वर्ष बिहार का कुल बजट आकार 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का है, जो यह दर्शाता है कि राज्य सरकार बिहार को तेज़ी से विकास की पटरी पर आगे ले जा रही है. बजट का यह आकार न सिर्फ आर्थिक मजबूती का संकेत है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकार हर वर्ग और हर क्षेत्र को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि यह बजट बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा.

युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष फोकस

बिहार बजट 2026-27 में नौजवानों के रोजगार को लेकर विशेष जोर दिया गया है.संजय सरावगी के अनुसार, बजट में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलें, स्वरोजगार को बढ़ावा मिले और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूती मिले.

सरकार का उद्देश्य है कि बिहार का युवा सिर्फ नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने. इसके लिए स्टार्टअप, उद्यमिता और तकनीकी प्रशिक्षण को बजट में प्राथमिकता दी गई है.

महिला सशक्तिकरण: आधी आबादी को ताकत

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है. महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं.

स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा, महिलाओं के लिए रोजगार योजनाएं, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान, ये सभी कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं.संजय सरावगी ने इसे ,आधी आबादी को वास्तविक शक्ति देने वाला बजट बताया है.

कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य को नई रफ्तार

बिहार की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र के लिए भी इस बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं. किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है.

इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को भी बजट के केंद्र में रखा गया है.स्कूलों, कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से राज्य के मानव संसाधन का विकास तेज़ होगा.

आधारभूत संरचना से बदलेगा बिहार का चेहरा

संजय सरावगी ने कहा कि यह बजट बिहार की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाला है. सड़क, पुल, बिजली, जलापूर्ति और शहरी विकास से जुड़े प्रावधान राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देंगे.

मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

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सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा साकार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबका साथ, सबका विकास की परिकल्पना को साकार करता है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को समृद्ध बनाने की दिशा में ठोस कदम है.

गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्योगों,हर वर्ग को इस बजट में समान महत्व दिया गया है. यही इस बजट की सबसे बड़ी ताकत है.

समावेशी विकास की ओर बड़ा कदम

संजय सरावगी ने बिहार बजट 2026-27 को ऐतिहासिक और सकारात्मक बजट करार देते हुए कहा कि यह राज्य के समावेशी विकास और विकास की गति को तेज करने वाला बजट है.मुख्यमंत्री के न्याय के साथ विकास के संकल्प का यह बजट सशक्त उदाहरण है.

उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट आने वाले वर्षों में बिहार को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध प्रदेश बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.

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