RJD का हमला: बिहार में बढ़ते अपराध पर सरकार घिरी

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Ajit Kumar

बिहार
RJD के X पोस्ट में बिहार में बढ़ते अपराध पर सरकार की आलोचना

बिहार में बढ़ते अपराध पर Rashtriya Janata Dal का हमला

तीसरा पक्ष ब्यरो पटना,14 फरवरी बिहार में अपराध की घटनाओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गया है.राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए NDA सरकार को कठघरे में खड़ा किया है. पार्टी के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से किए गए एक पोस्ट में दावा किया गया कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है, जबकि सरकार के मंत्री और सत्तारूढ़ विधायक इस हकीकत से मुंह मोड़ रहा हैं.

Rashtriya Janata Dal का आरोप: अपराध पर सरकार मौन

RJD के पोस्ट में कहा गया कि बिहार में दिनदहाड़े हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. पार्टी का आरोप है कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गया है, लेकिन सरकार के जिम्मेदार लोग ,शुतुरमुर्ग की तरह बालू में मुंह छिपाए बैठे हैं.

RJD ने यह भी कहा है कि कुछ नेता यह मान तो रहे हैं कि अपराध बढ़ रहा है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए ठोस कदमों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है. पार्टी का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं दिखाई दे रहा है और आम जनता को केवल चुनावी वोट बैंक तक सीमित कर दिया गया है.

बिहार की कानून-व्यवस्था पर बढ़ी राजनीतिक गर्माहट

RJD के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है.विपक्ष लंबे समय से दावा करता रहा है कि बिहार में आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हुया है, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बन रहा है.

पार्टी नेताओं का कहना है कि जब हत्या, लूट, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की खबरें लगातार सामने आता हैं, तो यह स्पष्ट संकेत है कि राज्य में कानून का खौफ कम हो रहा है. RJD का आरोप है कि सरकार केवल आंकड़ों के सहारे स्थिति सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहा है, जबकि जमीनी सच्चाई अलग है.

NDA सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार

RJD ने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर NDA सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्हें बढ़ते अपराध और आमजन की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है. पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता केवल चुनाव के समय वोट लेना है, लेकिन शासनकाल में जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाया जा रहा है .

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आगामी चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए दिए जा रहा हैं, ताकि कानून-व्यवस्था का मुद्दा जनता के बीच प्रमुख रूप से उठाया जा सके. बिहार की राजनीति में अपराध और सुरक्षा हमेशा से अहम चुनावी मुद्दे रहा हैं और विपक्ष अक्सर इसे सरकार की जवाबदेही से जोड़ता रहा है.

जनता की सुरक्षा बनाम राजनीतिक बयानबाजी

RJD के आरोपों के बाद सवाल यह भी उठता है कि क्या वास्तव में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं या यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा है. कई बार अपराध के आंकड़ों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद देखने को मिलता हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी राज्य की कानून-व्यवस्था का आकलन केवल राजनीतिक बयान से नहीं बल्कि आधिकारिक आंकड़ों, पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया की गति से किया जाना चाहिये. हालांकि, यह भी सच है कि जब अपराध की घटनाएं लगातार सुर्खियों में आता हैं, तो आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ना स्वाभाविक है.

कानून-व्यवस्था पर सरकार की जिम्मेदारी

लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है. यदि विपक्ष लगातार अपराध बढ़ने का आरोप लगा रहा है, तो सरकार के लिए जरूरी है कि वह पारदर्शी तरीके से स्थिति स्पष्ट करे और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी जनता के सामने रखे.

पुलिस बल की सक्रियता, तेज जांच प्रक्रिया, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई जैसे कदम कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता हैं. इसके साथ ही अपराध रोकथाम के लिए तकनीकी निगरानी, पुलिस पेट्रोलिंग और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे उपाय भी प्रभावी माना जाता है.

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राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर समाधान की जरूरत

RJD के ताजा बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दिया है कि बिहार में अपराध की स्थिति को लेकर ठोस समाधान क्या हो सकता है. केवल आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर ऐसी रणनीति बनानी चाहिए जिससे अपराध पर लगाम लगे और जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़े.

जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या उनके रोजमर्रा के जीवन में सुरक्षा का अनुभव हो रहा है या नहीं. यदि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते, तो यह किसी भी सरकार के लिए गंभीर चुनौती है.

निष्कर्ष

RJD के X पोस्ट ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. पार्टी ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर गंभीर नहीं है. वहीं, अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और जमीनी स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं.

आखिरकार, लोकतंत्र में जनता की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि राज्य में कानून का राज मजबूत हो, अपराधियों में भय हो और आम नागरिक बेखौफ होकर अपना जीवन जी सकें. यही किसी भी सुशासन की असली पहचान होती है.

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