राजनीतिक हलचल: जदयू और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने थामा राजद का हाथ

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Ajit Kumar

बिहार
राजनीतिक हलचल: जदयू और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने थामा राजद का हाथ

पार्टी में नई ऊर्जा का संचार

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 2 सितंबर 2025 –बिहार की राजनीति में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला जब जदयू और भाजपा के कई प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सदस्यता ग्रहण किया . इन नेताओं में जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ. अभिषेक मिश्रा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम केवल गुप्ता और हरिनंदन ठाकुर प्रमुख रूप से शामिल हैं. उन्होंने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पूर्व की पार्टी से इस्तीफा देकर राजद की सदस्यता ग्रहण कर लिया है.

राजनीतिक हलचल: जदयू और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने थामा राजद का हाथ

यह स्वागत समारोह पटना स्थित राजद के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद और प्रदेश महासचिव डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता उपस्थित रहे. इन सभी नवागत नेताओं को पार्टी प्रतीक चिन्ह वाला पारंपरिक गमछा, राजद की मशाल (लालटेन) और लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल पर आधारित पुस्तक गोपालगंज टू रायसीना भेंट की गई, जो उनके औपचारिक स्वागत का प्रतीक था.

तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर भरोसे ने बदले राजनीतिक समीकरण

इस मिलन समारोह के अवसर पर राजद के प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने कहा कि,

राजद में शामिल हो रहे नेताओं की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार में विकास और सकारात्मक राजनीति की नई शुरुआत हुई है. रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में जो कार्य योजना तैयार की गई है.उससे आम जनता का भरोसा राजद पर मजबूत हुआ है.

राजद में शामिल हुए नेताओं का क्या कहना है?

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा और नीतीश सरकार से जनता का मोहभंग अब खुलकर सामने आ चुका है.वर्तमान सरकार न तो जमीन पर दिखाई दे रही है, न ही जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतर रही है. ऐसे माहौल में लोग बदलाव की तलाश में हैं. और राजद इस बदलाव का सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभरा है.

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राजद में शामिल हुए नेताओं का क्या कहना है?

राजद में शामिल होते समय डॉ. अभिषेक मिश्रा ने कहा कि राज्य की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था जनहित से भटकी हुई है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अब राजद के संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे.

भाजपा छोड़ने वाले राम केवल गुप्ता ने कहा कि,

हमने देखा है कि तेजस्वी यादव की सोच केवल नारों तक सीमित नहीं है. उनके पास स्पष्ट विज़न है. और उन्होंने अपनी छोटी सी पारी में यह साबित कर दिया है कि वे बिहार को नई दिशा देने का माद्दा रखते हैं.

राजद के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं नए चेहरे

राजद के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं नए चेहरे

इन नए नेताओं के आने से राजद को राजनीतिक रूप से नई ऊर्जा मिली है.खासकर ग्रामीण और किसान वोट बैंक को लेकर.पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में यह बदलाव निर्णायक साबित हो सकता है.

राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने इस अवसर पर मीडिया को यह बताया कि,

राजद अब केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि बिहार की जनता की उम्मीदों का केंद्र बन चुका है.जो लोग जनहित में काम करना चाहते हैं. वे स्वाभाविक रूप से राजद की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

निष्कर्ष

बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम केवल दल-बदल की एक कड़ी नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे जनमत परिवर्तन का संकेत है. जहां एक ओर मौजूदा सरकार पर जनता का भरोसा डगमगाता दिख रहा है. वहीं राजद अपने कार्य और नेतृत्व के बल पर राजनीतिक जमीन को मजबूती से साधने में जुटा है.

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