बिहार में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल: बलात्कार और हत्या की घटनाओं के खिलाफ आइसा का उग्र प्रदर्शन

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Ajit Kumar

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बिहार में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल: बलात्कार और हत्या की घटनाओं के खिलाफ आइसा का उग्र प्रदर्शन

महिला हिंसा की घटनाओं पर आइसा का सरकार के खिलाफ विरोध

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 21 जनवरी 2025—बिहार में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रही बलात्कार, हत्या और संदिग्ध मौत की घटनाओं ने एक बार फिर राज्य के कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं. इसी कड़ी में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने पटना कॉलेज के मुख्य द्वार परआज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया .

महिला हिंसा की घटनाओं पर आइसा का सरकार के खिलाफ विरोध

आइसा का आरोप है कि बिहार में महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण पूरी तरह खत्म हो चुका है और सरकार महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी देने में पूरी तरह असफल साबित हुई है.

NEET छात्रा की संदिग्ध मौत से आक्रोश

आइसा के प्रदर्शन का मुख्य कारण पटना में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत है. परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ पहले बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई. लेकिन पुलिस ने प्रारंभिक जांच के नाम पर बिना ठोस रिपोर्ट के ही बलात्कार से इनकार कर दिया, जो बाद की जांच में गलत साबित हुआ.

आइसा नेताओं का कहना है कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि यह पुलिस और प्रशासन की उस मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें पीड़ितों की बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की जाती है.

पूरे बिहार में महिला हिंसा की घटनाएं

प्रदर्शन के दौरान आइसा बिहार उपाध्यक्ष मनीषा यादव और आइसा नेत्री सबा ने कहा कि,

बिहार में महिलाओं के साथ हो रही घटनाएं किसी एक जिले तक सीमित नहीं हैं.पटना, औरंगाबाद, बक्सर, खगड़िया, मधेपुरा और सारण जैसे जिलों में लगातार बलात्कार और हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं.

उन्होंने बताया है कि,

पटना के एक निजी हॉस्टल में औरंगाबाद की छात्रा की मौत

बक्सर में बंदूक की नोक पर छात्रा के साथ बलात्कार

खगड़िया और मधेपुरा में महिलाओं के साथ हिंसक घटनाएं

इन सभी मामलों में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और कई मामलों में आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

निजी हॉस्टलों की निगरानी पर सवाल

आइसा ने निजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाया है संगठन की मांग है कि,

निजी हॉस्टलों के संचालन के लिए सरकार एक स्वतंत्र निगरानी संस्था बनाए

हॉस्टलों के लिए सख्त नियमावली तय किया जायें .

CCTV, महिला वार्डन और शिकायत निवारण प्रणाली अनिवार्य की जाये .

आइसा राज्य सह सचिव ने कहा कि 6 जनवरी को औरंगाबाद की छात्रा की मौत के बावजूद आज तक न कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही कोई निष्पक्ष जांच.

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सुशासन नहीं, कुशासन का राज – आइसा

आइसा राज्य संयुक्त सचिव आशीष साह और आइसा नेता नीतीश कुमार ने कहा कि,

भाजपा-जदयू की सरकार महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी देने में पूरी तरह फेल हो चुकी है. सुशासन का दावा करने वाली सरकार में कुशासन चरम पर है.

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर हैं, लेकिन राज्य में महिलाओं की हालत पर एक शब्द तक नहीं बोल रहे हैं. गृह मंत्री सम्राट चौधरी की चुप्पी भी सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है.

पुलिस पर लीपापोती के आरोप

आइसा नेताओं का आरोप है कि पुलिस,

मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है.

शुरुआती रिपोर्ट में ही सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है .

पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने से रोक रही है .

जिसके कारण अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं.

जांच और कार्रवाई की मांग

आइसा ने सरकार से मांग किया है कि,

सभी मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाये .

दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाये .

छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित किया जाए.

प्रदर्शन में शामिल रहे ये नेता

इस विरोध प्रदर्शन में आइसा के कई छात्र नेता शामिल हुए, जिनमें,

नीतीश कुमार, आदर्श गुप्ता, मोनू कुमार, दीपु कुमार, रुद्र प्रताप
सहित दर्जनों छात्र मौजूद रहे.

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