विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के खिलाफ प्रेम रंजन पटेल का तीखा प्रहार

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Ajit Kumar

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विपक्ष को सकारात्मक राजनीति अपनानी होगी: प्रेम रंजन पटेल का कड़ा संदेश

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 29 नवंबर 2025 — भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य के विकास, स्थिरता और सुशासन के लिए विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है.लेकिन बिहार में विपक्ष, विशेषकर राजद और कांग्रेस, ने केवल नकारात्मकता, अवरोध और विरोध को ही अपनी मुख्य पहचान बना लिया है.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता यह समझ चुकी है कि विपक्ष का उद्देश्य constructive राजनीति करना नहीं, बल्कि विवाद पैदा करना, भ्रम फैलाना और राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करना है.

विकास की राह में रुकावट बना विपक्ष — पटेल

पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि जब-जब राज्य सरकार ने विकास, नीति सुधार, गरीबों के हित और जनकल्याण की दिशा में कदम बढ़ाए, तब-तब विपक्ष ने बिना किसी तथ्य और तर्क के विरोध करना शुरू कर दिया.

उनका कहना है कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल आलोचना करना नहीं होती, बल्कि सही दिशा में सरकार का मार्गदर्शन, ठोस सुझाव और सहयोग देना आवश्यक है. लेकिन बिहार में इसके उलट स्थिति देखने को मिलती है.

पटेल कहते हैं:

विपक्ष की राजनीति अब constructive नहीं रही.वे हर छोटे-बड़े मुद्दे को बढ़ाकर अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा करते हैं.ऐसी राजनीति से न राज्य को लाभ मिलता है और न जनता को.

जनता समझ गई है विपक्ष की असलियत

प्रेम रंजन पटेल का कहना है कि जनता अब पहले जैसी नहीं रही; वह पूरी तरह जागरूक है। लोग यह भलीभाँति समझते हैं कि विपक्ष जनता की वास्तविक समस्याओं पर नहीं, बल्कि भ्रम फैलाकर सत्ता हासिल करने पर अधिक ध्यान देता है.

उन्होंने कहा कि जनता ने कई बार विपक्ष को अवसर दिया, लेकिन बार-बार निराशा ही हाथ लगी.यही कारण है कि लोग अब ऐसे दलों पर भरोसा करने से हिचकते हैं जो केवल आलोचना और विरोध की राजनीति करते हैं, समाधान की नहीं.

लोकतंत्र में constructive politics क्यों आवश्यक?

पटेल ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सत्ता और विपक्ष दोनों राष्ट्रहित व जनहित में मिलकर काम करें.सकारात्मक राजनीति से न केवल सरकार की कार्यक्षमता बढ़ती है, बल्कि जनता का विश्वास भी कायम रहता है.

लेकिन जब विपक्ष सिर्फ अवरोध और विरोध का रास्ता चुनता है, तब लोकतंत्र कमजोर पड़ता है और विकास कार्यों में रुकावट आती है.

उन्होंने कहा कि राज्य के हित सर्वोपरि हैं और इस भावना से विमुख होकर कोई भी दल जनता में जगह नहीं बना सकता.

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नकारात्मक राजनीति के परिणाम — जनता देगी कड़ा सबक

प्रेम रंजन पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विपक्ष ने अपनी नीतियाँ नहीं बदलीं और इसी तरह नकारात्मक, अवरोधक और विरोधवादी रुख बनाए रखा, तो जनता आने वाले समय में उन्हें और कठोर दंड देगी.

उनके शब्दों में:

जनता विकास चाहती है, बाधाएँ नहीं; समाधान चाहती है, विवाद नहीं. विपक्ष अगर सकारात्मक योगदान नहीं करेगा, तो उसे इतिहास के हाशिये पर पहुँचा दिया जाएगा.

राज्य हित सर्वोपरि — सहयोग की अपील

पटेल ने विपक्षी दलों से आग्रह भी किया कि वे राज्य की प्रगति व जनता की भलाई के लिए constructive politics अपनाएँ.

उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा सुझावों का स्वागत करती है और विपक्ष अगर सही दिशा में गंभीरता से मदद करे, तो बिहार को विकास के नए आयाम मिल सकते हैं.

निष्कर्ष

प्रेम रंजन पटेल का यह बयान न केवल विपक्ष की आलोचना है, बल्कि लोकतंत्र में constructive politics की आवश्यकता को भी उजागर करता है.राज्य के विकास के लिए सहयोगात्मक राजनीति जरूरी है. यदि विपक्ष अपनी भूमिका को ईमानदारी से निभाए, तो शासन मजबूत होगा और जनता को वास्तविक लाभ मिलेगा.लेकिन अगर वे नकारात्मक राजनीति पर टिके रहे, तो जनता उन्हें फिर से नकार देगी — यही भारत के लोकतंत्र की ताकत भी है और संदेश भी.

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