भारत में अल्पसंख्यक समुदाय की असुरक्षा और सामाजिक भय का प्रतीकात्मक दृश्य

अल्पसंख्यक होना आज डर क्यों बन गया?

भारत में बढ़ती असुरक्षा का सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषण तीसरा पक्ष आलेख पटना,5 फरवरी — भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बाला देश है, जहाँ विविधता केवल पहचान नहीं बल्कि आत्मा माना जाता है.अलग-अलग धर्म, भाषा, संस्कृति और परंपराओं से मिलकर बना ...

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देशभक्ति का ठेका किसके पास? राजनीति में राष्ट्रवाद की असली तस्वीर

देशभक्ति का ठेका किसके पास? राजनीति में राष्ट्रवाद की असली तस्वीर

राजनीति में राष्ट्रवाद: इतिहास, बहस और आज की सच्चाई तीसरा पक्ष आलेख पटना,25 जनवरी — देशभक्ति भारत में केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक भाव, एक संस्कार और एक साझा जिम्मेदारी है. लेकिन बीते कुछ वर्षों में यह भावना राजनीतिक ...

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भारत में दलितों के खिलाफ जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता का प्रतीकात्मक दृश्य

दलित होना आज भी अपराध क्यों बनता जा रहा है?

कानून के बावजूद भेदभाव और हिंसा की जड़ें अब भी समाज में गहरी तीसरा पक्ष आलेख पटना ,16 जनवरी— संविधान के बाद भी क्यों बना है सवाल,दलित होना आज भी अपराध क्यों है?,यह सवाल केवल सामाजिक बहस नहीं, बल्कि भारतीय ...

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ED बनाम ममता: जांच एजेंसी की छापेमारी और सत्ता की खुली टकराहट

ED बनाम ममता: जांच एजेंसी की छापेमारी और सत्ता की खुली टकराहट

कानून का राज या केंद्रीय दबाव? IPAC छापे ने फिर छेड़ी एजेंसियों की निष्पक्षता पर बहस तीसरा पक्ष डेस्क,कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में भूचाल ...

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अपना–पराया का खेल: देश को कौन बाँट रहा है और क्यों?

अपना–पराया का खेल: देश को कौन बाँट रहा है और क्यों?

क्या भारत को जानबूझकर तोड़ा जा रहा है? तीसरा पक्ष आलेख पटना —भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन साथ ही सबसे विविध समाजों में से एक भी. यहाँ धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और संस्कृति की असंख्य परतें हैं. ...

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भारत में नफरत की राजनीति: किसे हो रहा है फायदा और देश को कितना नुकसान?

भारत में नफरत की राजनीति: किसे हो रहा है फायदा और देश को कितना नुकसान?

नफरत की राजनीति से कौन जीत रहा है और भारत क्या खो रहा है? तीसरा पक्ष आलेख पटना,4 जनवरी 2026 — भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जिसकी पहचान विविधता, बहुलता और सहिष्णुता से रही है. यहां अनेक ...

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उन्नाव रेप केस: सेंगर केस से क्या सबक लेगा राजनीतिक तंत्र और समाज?

उन्नाव रेप केस: सेंगर केस से क्या सबक लेगा राजनीतिक तंत्र और समाज?

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख,भारतीय न्यायपालिका की नैतिक जिम्मेदारी? तीसरा पक्ष डेस्क,नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2017 के चर्चित उन्नाव बलात्कार मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा ...

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लाल बहादुर शास्त्री: सादगी, सत्य और सेवा के प्रतीक – प्रियंका गांधी वाड्रा

लाल बहादुर शास्त्री: सादगी, सत्य और सेवा के प्रतीक – प्रियंका गांधी वाड्रा

जय जवान जय किसान’ का नारा: आत्मनिर्भर भारत की नींव तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली,2 अक्टूबर 2025 – भारत की आज़ादी के इतिहास और स्वतंत्र भारत के निर्माण में जिन महान नेताओं का योगदान अमिट है, उनमें लाल बहादुर शास्त्री ...

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अशोका विजयादशमी: आत्म-विजय और अहिंसा का पर्व

अशोका विजयादशमी: आत्म-विजय और अहिंसा का पर्व

कलिंग युद्ध से अशोक का हृदय परिवर्तन: तलवार से शांति तक का सफर तीसरा पक्ष डेस्क,पटना: भारत में विजयादशमी या दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व माना जाता है.लेकिन इस दिन का एक और ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व ...

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RSS के 100 साल: संजय सिंह के तीखे सवाल और दलित नेतृत्व की कमी

RSS के 100 साल पर संजय सिंह के तीखे सवाल

दलित नेतृत्व, तिरंगा विवाद और अंग्रेजों से संबंध पर घेरा तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2025 – आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे ...

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