दरभंगा की घटना ने झकझोरा बिहार, बढ़ते अपराधों पर विपक्ष का हमला
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 8 फरवरी 2026बिहार के दरभंगा ज़िले में एक 6 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है.यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि उन असंख्य मामलों का हिस्सा है जो बीते कुछ समय में बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा हैं. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने इस जघन्य घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.
तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल @yadavtejashwi से पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार में अब पीड़ितों, गरीबों और कमजोर वर्गों की सुनवाई करने वाला कोई नहीं बचा है. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, कम दोष-सिद्धि दर और मुख्यमंत्री की चुप्पी को मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार ठहराया है.
जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर है – तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में साफ शब्दों में कहा कि पुलिस की रिकॉर्डतोड़ नाकामयाबी और सरकार की उदासीनता के कारण अब जनता का सब्र टूट चुका है.अपराध की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई न होना, अपराधियों का बेखौफ घूमना और पीड़ित परिवारों को न्याय न मिलना, राज्य में गहरे असंतोष को जन्म दे रहा है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री को ज्वलंत घटनाओं की जानकारी तक नहीं रहती है , जो कि प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है.तेजस्वी यादव के अनुसार, बिहार में विधि-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुका है और चारों ओर अराजकता का माहौल है.
महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों में भयावह बढ़ोतरी
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में हालिया दिनों में हुई घटनाओं की एक लंबी सूची साझा किया है,जो यह दर्शाता है कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहा हैं. इन घटनाओं में बलात्कार, हत्या, गैंगरेप और एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं.
हालिया घटनाओं में शामिल हैं,
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या.
मधेपुरा में महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या.
खगड़िया में 4 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या.
मुजफ्फरपुर में महिला की अपहरण के बाद हत्या.
गोपालगंज में छेड़खानी का विरोध करने पर युवती की हत्या.
कैमूर में 14 वर्षीय किशोरी की हत्या.
मुंगेर, सुपौल, मोतिहारी, कटिहार और सोनपुर में महिलाओं की हत्या.
मुजफ्फरपुर और गोपालगंज में नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म.
मधेपुरा के सिंहेश्वर में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप.
मोतिहारी में युवती पर एसिड अटैक.
छपरा में नाबालिग लड़की से गैंगरेप.
यह सूची अपने आप में बिहार की मौजूदा स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करता है.
अपराधियों और सत्ताधारी नेताओं का गठबंधन – विपक्ष का आरोप
तेजस्वी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता संरक्षण में बलात्कारियों, हत्यारों और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने यह भी कहा कि खुद सरकार के मंत्री कई बार सार्वजनिक मंचों पर सत्ता-संपोषित अपराध को स्वीकार कर चुका हैं, जो लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए बेहद खतरनाक संकेत है.
उनका कहना है कि अपराधियों और सत्ताधारी नेताओं के गठजोड़ में आम जनता, खासकर बहन-बेटियां, सबसे ज्यादा पीस रही हैं। न्याय की उम्मीद लगाए पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर हैं.
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मुख्यमंत्री की चुप्पी पर उठे सवाल
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की चुप्पी को खतरनाक और आपराधिक बताया, उन्होंने कहा कि जब राज्य में रोज़ बलात्कार और हत्या जैसी घटनाएं हो रही हों, तब मुख्यमंत्री का मौन रहना संवैधानिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने जैसा है.
राजद नेता के अनुसार, सरकार का पहला कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, लेकिन बिहार में यह जिम्मेदारी पूरी तरह विफल होती दिख रही है.
निष्कर्ष: बिहार की जनता न्याय चाहती है, बहाने नहीं
दरभंगा की मासूम बच्ची की दर्दनाक हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि बिहार की चरमराती कानून-व्यवस्था का प्रतीक बन चुका है. तेजस्वी यादव के इस बयान ने एक बार फिर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है.
अब सवाल यह है कि क्या सरकार इन घटनाओं को गंभीरता से लेकर कठोर कार्रवाई और ठोस सुधार करेगी, या फिर यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा.बिहार की जनता अब सिर्फ बयान नहीं, सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही चाहती है.

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