मोदी Compromised हैं : Epstein Files और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस का वार

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Ajit Kumar

भारत
जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, PM की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो दिल्ली,10 फरवरी — भारतीय राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है. कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उसने सवालों की झड़ी लगा दिया है. कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री Compromised हैं और देशहित से जुड़े अहम फैसलों पर चुप्पी साधे हुये हैं, जिससे देश को नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कांग्रेस के आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल @INCIndia से किया गया पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम कथित तौर पर Epstein Files में सामने आया है और इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है. साथ ही, पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे की किताब में उठाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ सवालों पर भी प्रधानमंत्री की चुप्पी को कांग्रेस ने बेहद गंभीर बताया है.

कांग्रेस का आरोप: प्रधानमंत्री देश को जवाब देने से बच रहे हैं

कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश के अहम मुद्दों पर जवाबदेही से बचते नजर आ रहे हैं. पार्टी के अनुसार, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठता हैं, तब प्रधानमंत्री की चुप्पी संदेह पैदा करता है.

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि यदि प्रधानमंत्री पर कोई आरोप निराधार हैं, तो उन्हें खुलकर देश के सामने सच रखना चाहिये.चुप्पी न केवल सवालों को और गहरा करता है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना,जवाबदेही,पर भी चोट करता है.

Epstein Files का मुद्दा: क्यों उठा बवाल?

कांग्रेस ने अपने पोस्ट में यह भी कहा है कि Epstein Files में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आना बेहद गंभीर मामला है. पार्टी का कहना है कि यह कोई साधारण आरोप नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित प्रकरण से जुड़ा सवाल है, जिस पर सफाई देना प्रधानमंत्री का नैतिक दायित्व है.

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप है और मीडिया का एक बड़ा वर्ग भी इस पर सवाल नहीं उठा रहा है. ऐसे में जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सच क्या है?

जनरल नरवणे की किताब और राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल

पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे की किताब में किए गये खुलासों को लेकर भी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को घेरा है.कांग्रेस का कहना है कि जब देश के एक पूर्व सेना प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सवाल खड़ा करता हैं, तब प्रधानमंत्री का मौन रहना बेहद चिंताजनक है.

पार्टी के अनुसार, यह मामला केवल राजनीति का नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा है. ऐसे में प्रधानमंत्री को संसद और देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करना चाहिये.

जंतर-मंतर पर युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

इन सभी मुद्दों को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है . इस प्रदर्शन का नेतृत्व IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने किया.

युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी किया और मांग किया कि वे चुप्पी तोड़ें तथा देश को सभी सवालों के जवाब दें. प्रदर्शन के दौरान यह संदेश दिया गया है कि युवा वर्ग देश के भविष्य को लेकर चिंतित है और पारदर्शिता चाहता है.

कांग्रेस का साफ संदेश, जवाब देना होगा

कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और प्रधानमंत्री अब चुप नहीं रह सकते. पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और उसे सच जानने का पूरा हक है.

कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन देश के युवा और आम नागरिक अब सवाल पूछ रहा हैं.

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राजनीतिक विश्लेषण: क्यों अहम है यह मुद्दा?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कांग्रेस द्वारा उठाया गया यह मुद्दा आने वाले समय में भारतीय राजनीति को और गरमा सकता है.एक ओर राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि का सवाल है, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री की जवाबदेही का.

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार इस पर स्पष्ट जवाब नहीं देता है , तो विपक्ष इसे बड़े जनआंदोलन का रूप दे सकता है, खासकर युवाओं के बीच.

निष्कर्ष

कांग्रेस के X पोस्ट के हवाले से उठाया गया यह मामला केवल एक राजनीतिक आरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सवाल देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा हुआ है.

अब निगाहें इस बात पर टिका हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है.क्या प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़कर देश को जवाब देंगे, या यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक विवाद बन जाएगा,इसका फैसला समय करेगा.

न्यूज़ स्रोत: Congress (@INCIndia) के X (Twitter) पोस्ट के आधार पर आधारित है.

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