गुजरात में 30 साल की सत्ता पर केजरीवाल का सवाल, कहा— किसान और युवा बदलाव चाहते हैं
तीसरा पक्ष ब्यूरो गुजरात, 8 मार्च 2026: गुजरात की राजनीति एक बार फिर गरमाती हुई दिखाई दे रही है.Arvind Kejriwal ने राज्य में पिछले तीन दशकों से सत्ता में मौजूद भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में लंबे समय से चल रही भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और किसानों तथा युवाओं के साथ अन्याय कर रही है.
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने कहा है कि गुजरात के लोग अब बदलाव चाहते हैं.उनके अनुसार, पहले राज्य के लोगों के पास कोई मजबूत विकल्प नहीं था, लेकिन अब आम आदमी पार्टी तेजी से एक विकल्प के रूप में उभर रही है.
30 साल की सरकार पर सवाल
केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में लगभग 30 वर्षों से भाजपा की सरकार है, लेकिन इतने लंबे शासन के बावजूद राज्य के किसानों और युवाओं को अपेक्षित न्याय नहीं मिल पाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार का ध्यान विकास से अधिक सत्ता बचाने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने पर है.
उनके मुताबिक, किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.कई इलाकों में किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रहा है.
केजरीवाल का कहना है कि अगर किसी राज्य में एक ही पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहती है, तो जवाबदेही कम हो जाती है और भ्रष्टाचार बढ़ने की संभावना ज्यादा हो जाती है.
पेपर लीक और युवाओं का गुस्सा
केजरीवाल ने युवाओं के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया है. उन्होंने कहा कि गुजरात में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि जब युवा इन घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है. कई मामलों में प्रदर्शन करने वाले युवाओं को जेल तक भेज दिया जाता है.
उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को दबाना सही नहीं है. अगर छात्र और युवा अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहा हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए, न कि उन्हें दंडित करना चाहिए.
कांग्रेस पर भी उठाए सवाल
केजरीवाल ने अपने बयान में Indian National Congress पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक गुजरात में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल रही है , लेकिन जनता को उससे भी मजबूत विकल्प नहीं मिल पाया है.
उनके अनुसार, कई लोगों को ऐसा लगता है कि कांग्रेस और भाजपा के बीच असली राजनीतिक मुकाबला नहीं है. यही वजह है कि अब राज्य में नई राजनीतिक ताकतों के लिए जगह बन रही है.
केजरीवाल का दावा है कि आम आदमी पार्टी इस खाली जगह को भर रहा है और लोगों को एक नया विकल्प दे रहा है.
AAP को मिल रहा समर्थन
केजरीवाल ने कहा है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी को लगातार समर्थन मिल रहा है. उन्होंने दावा किया है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं और बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं.
उनके मुताबिक, लोगों को अब यह विश्वास हो रहा है कि राजनीति में ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था संभव है.उन्होंने कहा कि अगर जनता मौका देती है, तो AAP गुजरात में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे क्षेत्रों में वही मॉडल लागू कर सकती है, जिसकी चर्चा देशभर में होती रही है.
केजरीवाल ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की राजनीति का केंद्र आम लोगों की समस्याएं हैं. उन्होंने कहा कि किसानों की आय, युवाओं के रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी.
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गुजरात की राजनीति में नई बहस
गुजरात में लंबे समय से भाजपा का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है. लेकिन हाल के वर्षों में राज्य की राजनीति में नए मुद्दे और नए खिलाड़ी सामने आए हैं.
आम आदमी पार्टी के बढ़ते दावे और बयानबाजी से राज्य की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विपक्ष मजबूत होता है, तो लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है और इससे शासन की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है.
हालांकि भाजपा ने अक्सर ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि गुजरात में विकास की गति लगातार जारी है और जनता पार्टी के काम से संतुष्ट है.
क्या गुजरात में सचमुच बदलाव आएगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गुजरात में वास्तव में राजनीतिक बदलाव की लहर उठेगी या नहीं.केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का दावा है कि राज्य में जनता बदलाव के लिए तैयार है.
लेकिन यह फैसला अंततः जनता के हाथ में ही होगा.आने वाले चुनावों और राजनीतिक घटनाक्रमों से यह साफ होगा कि गुजरात की जनता किस दिशा में आगे बढ़ना चाहती है.
फिलहाल इतना जरूर है कि गुजरात की राजनीति में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीतिक बहस के केंद्र में रह सकता है.

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