पटना में 22 फरवरी को गुरु रविदास जयंती समारोह, तेजस्वी होंगे उद्घाटनकर्ता

| BY

Ajit Kumar

बिहार
पटना मिलर हाई स्कूल मैदान में गुरु रविदास जयंती समारोह की तैयारी बैठक

मिलर हाई स्कूल मैदान में होगा राज्यस्तरीय आयोजन

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 15 फरवरी 2026:बिहार की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन आगामी 22 फरवरी को पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में होने जा रहा है. संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं राज्यस्तरीय जयंती समारोह को भव्य रूप से मनाने की तैयारी तेज कर दी गई है. इस कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करेंगे, जिससे समारोह की राजनीतिक और सामाजिक महत्ता और भी बढ़ गई है.

मिलर हाई स्कूल मैदान में होगा राज्यस्तरीय आयोजन

इस आयोजन की तैयारियों को लेकर आज पटना के विधायक आवास, वीरचंद पटेल पथ स्थित परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मिश्री राम ने किया, जबकि संचालन पूनम दास ने किया.कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया और समारोह को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया.

भव्य समारोह की तैयारी पर जोर

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में रविदास चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राजद अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने कहा कि संत गुरु रविदास जी का 649वां राज्यस्तरीय जयंती समारोह पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और समानता का संदेश देने वाला ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा.

शिवचन्द्र राम ने बताया कि 22 फरवरी को बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में संत रविदास जी के अनुयायी पटना पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि मिलर हाई स्कूल मैदान से सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकार की लड़ाई के लिए एक सशक्त शंखनाद किया जाएगा, जिससे समाज में समानता और भाईचारे का संदेश जाएगा.

सामाजिक जागरूकता का भी होगा संदेश

बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने कई महत्वपूर्ण सामाजिक संकल्प भी लिए.प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा है कि ,
आधी रोटी खाएंगे, बेटा-बेटी को पढ़ाएंगे.
आधी रोटी खाएंगे, नशामुक्त समाज बनाएंगे.
आधी रोटी खाएंगे, अंधविश्वास दूर भगाएंगे.

ये संकल्प इस बात का संकेत हैं कि यह आयोजन केवल जयंती उत्सव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, नशामुक्ति और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का अभियान भी बनेगा.सामाजिक परिवर्तन और जागरूकता को केंद्र में रखकर इस समारोह की रूपरेखा तैयार की जा रही है.

सामाजिक न्याय और समानता का प्रतीक आयोजन

संत गुरु रविदास जी भारतीय भक्ति आंदोलन के महान संत थे, जिन्होंने जाति-पांति और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और मानवता, समानता तथा भाईचारे का संदेश दिया.उनका जीवन दर्शन आज भी समाज को दिशा देता है. यही कारण है कि उनकी जयंती का यह राज्यस्तरीय आयोजन सामाजिक न्याय के विमर्श को नई ऊर्जा देगा.

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जब समाज में शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक सम्मान की आवश्यकता सबसे अधिक महसूस की जा रही है.उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्ग अपने अधिकारों के लिए संगठित हो सकता हैं.

राजनीतिक और सामाजिक सहभागिता का संगम

इस समारोह में विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी. कार्यक्रम में राजद के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिससे यह आयोजन सामाजिक न्याय और राजनीतिक चेतना के समन्वय का प्रतीक बन सकता है.

बैठक को संबोधित करने वालों में विधायक सूबेदार दास, पूर्व विधायक राजेंद्र राम, लाल बाबू राम, वीर बहादुर राम, विजेंद्र राम, लखेन्द्र दास, नीतीश राम, प्रमोद राम, अरविंद राम, गोल्डन अंबेडकर, सुदर्शन दास, डोमन दास, नीतू दास, बबीता दास, रीमा देवी, मानती देवी, अमन दास, दिलीप राम, अलख राम, शैलेंद्र दास, बबलू राम, प्रताप दास, दिनेश दास, सूरज राम, महेश राम, मंतोष राम, अमरजीत राम, विनोद राम, वीर चंद्र राम, सुनील राम और केदार राम सहित कई लोग उपस्थित थे। सभी ने समारोह को सफल बनाने का संकल्प लिया.

ये भी पढ़े :दलित होना आज भी अपराध क्यों बनता जा रहा है?
ये भी पढ़े :अल्पसंख्यक होना आज डर क्यों बन गया?

पटना बनेगा सामाजिक चेतना का केंद्र

22 फरवरी को होने वाला यह आयोजन बिहार की राजधानी पटना को सामाजिक चेतना का केंद्र बना देगा. कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी की उम्मीद है, जिससे यह राज्य के सबसे बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता हैं और युवाओं को शिक्षा, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करता हैं. यह समारोह गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा.

निष्कर्ष

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर आयोजित होने वाला यह राज्यस्तरीय समारोह केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का मंच साबित हो सकता है. इसमें सामाजिक न्याय, शिक्षा, नशामुक्ति और अंधविश्वास उन्मूलन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा उद्घाटन किए जाने से इस कार्यक्रम की राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर अहमियत बढ़ गई है. उम्मीद है कि 22 फरवरी का यह आयोजन बिहार में सामाजिक समानता और जागरूकता की नई लहर पैदा करेगा और गुरु रविदास जी के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

Trending news

Leave a Comment