प्रोजेक्ट का उद्देश्य: यात्रियों को मिलेगा जाम-मुक्त और सुरक्षित सफर
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,27 नवंबर 2025 — बिहार में आधारभूत संरचना के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है. इसी कड़ी में माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज मीठापुर–महुली–पुनपुन पथ फेज-2 के तहत चल रहे निर्माण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया.IPRD Bihar के आधिकारिक X (Twitter) पोस्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सिपारा गुमटी पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और सिपारा से मीठापुर तक 2.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड पथ की प्रगति का आकलन किया. यह परियोजना पटना शहर में यातायात सुगमता और कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

प्रोजेक्ट का उद्देश्य: यात्रियों को मिलेगा जाम-मुक्त और सुरक्षित सफर
पटना का मीठापुर–सिपारा क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक जाम, लेवल-क्रॉसिंग पर रुकावट और धीमी आवाजाही की समस्या से जूझता रहा है.इसे देखते हुए सरकार ने इस क्षेत्र में आधुनिक सड़क और ओवरब्रिज निर्माण की योजना तैयार की, जिसके फेज-2 का निरीक्षण आज किया गया.
इस परियोजना के मुख्य उद्देश्य.
रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे इंतज़ार से राहत
सुचारू, तेज़ और सुरक्षित यातायात व्यवस्था
शहर के कोर क्षेत्रों को बाईपास कर वैकल्पिक रूट उपलब्ध कराना
मीठापुर, सिपारा, गुमटी, महुली और पुनपुन को तेज़ी से जोड़ना
व्यस्त समय में वाहनों की भारी भीड़ को नियंत्रित करना
एलिवेटेड सड़क और ओवरब्रिज बन जाने के बाद यात्रियों को न केवल जाम से राहत मिलेगी बल्कि सफर की समयावधि भी काफी कम हो जाएगी.
मुख्यमंत्री का निरीक्षण: हर चरण की बारीकियों पर पैनी नजर
IPRD Bihar की साझा जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जिस ऊर्जा और गंभीरता के साथ कार्य की प्रगति की समीक्षा की, वह साफ दर्शाता है कि यह परियोजना सरकार की प्राथमिकता में शीर्ष पर है.
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने
मीठापुर फ्लाईओवर की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया
सिपारा गुमटी ओवरब्रिज के निर्माण की गति को परखा
बाईपास के निकट विकसित हो रहे इंजीनियरिंग ढांचे का निरीक्षण किया
उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और कार्य एजेंसियों से प्रोजेक्ट की प्रगति पर विस्तार से जानकारी ली और देरी के हर कारण पर भी विशेष रूप से प्रश्न किए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ही कार्य पूरा होना चाहिए, ताकि जनता को शीघ्र लाभ मिल सके.
निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश: सरकार का फोकस टाइम-बाउंड डिलीवरी
लंबे समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि एक ऐसे प्रशासक की रही है जो प्रोजेक्ट्स में देरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते. इसी सोच को दोहराते हुए उन्होंने अधिकारियों को कहा कि,
निर्माण कार्य में और तेजी लाएं और सुनिश्चित करें कि पूरा प्रोजेक्ट समय सीमा के भीतर पूर्ण हो.
सरकार चाहती है कि यह पूरा कॉरिडोर जल्द से जल्द यात्रियों के लिए खुल जाए, ताकि पटना के ट्रैफिक प्रेशर में कमी आए और लोग सुरक्षित, रोके-टके बिना यात्रा कर सकें।
परियोजना का महत्व: पटना के विकास की दिशा में बड़ा कदम
यह परियोजना सिर्फ सड़कों का निर्माण नहीं है, बल्कि पटना के ट्रैफिक स्ट्रक्चर को भविष्य के लिए तैयार करने का प्रयास है.इसके पूरा होने के लाभ.
रेलवे क्रॉसिंग पर रुकने की झंझट खत्म
ROB बन जाने के बाद वाहनों को रेलवे फाटक पर रुकना नहीं पड़ेगा. इससे दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा.
शहर के प्रमुख इलाकों का एक्सेस आसान
मीठापुर, सिपारा, बाईपास, महुली, पुनपुन आदि क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार आएगा.
स्थानीय कारोबार और व्यापार को लाभ
तेज़ आवाजाही से हाट, मंडियों, और ट्रांसपोर्ट आधारित व्यवसायों को गति मिलेगी.
ट्रैफिक दबाव में भारी कमी
एलिवेटेड पथ, रेलवे ओवरब्रिज और फ्लाईओवर मिलकर शहर के दक्षिणी हिस्से का ट्रैफिक संतुलित करेंगे.
आपातकालीन सेवाओं की पहुंच तेज़
एम्बुलेंस, फायरब्रिगेड और पुलिस की प्रतिक्रिया समय (Response Time) में भी उल्लेखनीय कमी आएगी.
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बदलते बिहार की तस्वीर: आधुनिकता और सुविधा की ओर कदम
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में सड़क और पुल निर्माण का विस्तार काफी तेज़ हुआ है. राज्य सरकार कनेक्टिविटी को विकास की रीढ़ मानते हुए लगातार नए प्रोजेक्ट्स शुरू कर रही है. मीठापुर–सिपारा–पुनपुन कॉरिडोर भी उसी परिवर्तन का अहम हिस्सा है.
यह परियोजना पटना शहर को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी सुविधाओं से सीधे जोड़ेगी.
निष्कर्ष: जनता को मिलेगा बेहतर, तेज़ और सुरक्षित सफर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए निरीक्षण से स्पष्ट है कि सरकार इस परियोजना को मिशन मोड में लेकर चल रही है. जैसे-जैसे यह सड़क, ओवरब्रिज और एलिवेटेड पथ पूर्णता की ओर बढ़ेंगे, पटना शहर को जाम-मुक्त, सुविधाजनक और सुरक्षित यातायात का नया अनुभव मिलेगा.
IPRD Bihar के अनुसार, मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट संदेश दिया है,
काम की गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी, दोनों से कोई समझौता नहीं।
जल्द ही यह परियोजना पूरा होकर राजधानी पटना की ट्रैफिक व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार लाएगी और विकास के नए रास्ते खोलेगी.

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