किसान आंदोलन, MSP की गारंटी और संसद में उठी आवाज: Raja वारिग ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल

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Ajit Kumar

भारत
लोकसभा में Raja वारिग का MSP और किसान आंदोलन पर बयान

लोकसभा में अमरिंदर सिंह राजा वारिग का MSP और किसान आंदोलन पर बयान

तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली,18 मार्च 2026 :भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है.देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव हमारे किसान हैं. लेकिन आज यही किसान अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा है. संसद में भी यह मुद्दा लगातार उठ रहा है. लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांग पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिग ने किसानों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाये है.

उन्होंने कहा कि देश का किसान आज इस डर के साथ जी रहा है कि क्या वह अपनी फसल को सही दाम पर बेच पाएगा या नहीं. उनके बयान ने एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच किसानों के मुद्दे पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है.

किसान हैं देश की फ़ूड सिक्योरिटी की नींव

लोकसभा में अपने वक्तव्य के दौरान अमरिंदर सिंह राजा वारिग ने कहा है कि भारत की खाद्य सुरक्षा का आधार हमारे किसान हैं.यदि किसान मजबूत रहेगा तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत रहेगी.

लेकिन मौजूदा हालात में किसान खुद को सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहा है. खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसलों का उचित मूल्य मिलना अब भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

उन्होंने यह भी कहा है कि किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उनकी फसल उन्हें इतना पैसा दे पाएगी कि वे अपने परिवार का गुजारा कर सकें.

MSP की गारंटी को लेकर लंबा आंदोलन

अमरिंदर सिंह राजा वारिग ने संसद में उस ऐतिहासिक किसान आंदोलन का भी जिक्र किया है , जिसमें देशभर के किसान Minimum Support Price (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे.

उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आंदोलन कभी नहीं देखा, जिसमें किसान सवा साल से ज्यादा समय तक लगातार आंदोलन करते रहे.

इस आंदोलन में किसान हर मौसम में सड़कों पर डटे रहे—चाहे भीषण गर्मी हो, कड़ाके की ठंड हो या बारिश.किसानों का कहना था कि यदि MSP की कानूनी गारंटी नहीं मिली तो खेती करना और मुश्किल हो जाएगा.

750 से ज्यादा किसानों की मौत का दावा

अमरिंदर सिंह राजा वारिग ने अपने भाषण में यह भी कहा कि इस आंदोलन के दौरान 750 से ज्यादा किसानों की जान चली गई.

उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संख्या में किसानों की मौत के बावजूद सरकार ने MSP की कानूनी गारंटी देने के मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया.

उनके अनुसार यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि किसानों के सम्मान और उनके भविष्य का सवाल भी है.

संसद में महिला टिप्पणी का जिक्र

अपने वक्तव्य में अमरिंदर सिंह राजा वारिग ने एक भावनात्मक घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख उस समय हुआ जब एक महिला ने यह बयान दिया कि किसान आंदोलन में बैठी महिलाएं पैसे लेकर आई हैं.

Raja वारिग के अनुसार यह बयान उन हजारों महिलाओं का अपमान था, जो अपने परिवार और खेतों की चिंता छोड़कर आंदोलन में शामिल हुई थीं.

उन्होंने कहा कि आज वही महिला भाजपा की सांसद हैं, जो इस पूरे मुद्दे को और भी विवादास्पद बनाता है.

सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती बहस

किसानों के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है.लेकिन हाल के समय में यह बहस और तेज हो गई है.

कांग्रेस का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए MSP की कानूनी गारंटी जरूरी है.

वहीं सरकार का कहना है कि उसने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनसे कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है.

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किसानों की चिंता अभी भी बरकरार

हालांकि राजनीतिक बयानबाजी के बीच किसानों की असली चिंता अभी भी खत्म नहीं हुई है.

देश के कई हिस्सों में किसान आज भी यह मांग कर रहे हैं कि MSP को कानूनी रूप दिया जाए, ताकि उन्हें अपनी फसल का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित हो सके.

किसानों का कहना है कि जब तक उनकी आय स्थिर और सुरक्षित नहीं होगी, तब तक खेती का भविष्य भी सुरक्षित नहीं होगा.

निष्कर्ष

लोकसभा में अमरिंदर सिंह राजा वारिग का बयान इस बात की याद दिलाता है कि किसानों का मुद्दा आज भी भारत की राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में है.

किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के असली रक्षक हैं. ऐसे में यह जरूरी है कि उनकी समस्याओं का समाधान सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित न रहे, बल्कि ठोस नीतियों और निर्णयों के माध्यम से उन्हें राहत मिले.

आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विपक्ष किसानों की इस सबसे बड़ी मांग—MSP की कानूनी गारंटी—पर किस तरह आगे बढ़ते हैं.

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