तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना, न्याय नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी
तीसरा पक्ष ब्यूरो मुजफ्फरपुर 26 मार्च 2026:बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड के चोरनिया गांव में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर के रख दिया है.इस मामले में एक निर्दोष नागरिक, स्वर्गीय जगतवीर राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक माहौल बेहद गर्म हो गया है.इस घटना को लेकर तेजस्वी यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया हैं.
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि चोरनिया गांव में एक थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से बिना किसी ठोस कारण के जगतवीर राय को सीने में गोली मार दिया था.इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.मृतक के परिजनों का कहना है कि जगतवीर राय का किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं था, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया.
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है. लोग सड़कों पर उतर आया हैं,और दोषी पुलिस अधिकारी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
तेजस्वी यादव का बयान
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने अपने X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में इस घटना की कड़ी निंदा किया है.उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि कानून व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता का यह उदाहरण है.
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि संबंधित थाना प्रभारी भ्रष्ट, जातिवादी, नशेड़ी और तस्करी से जुड़ी प्रवृत्ति का व्यक्ति है.उन्होंने यह भी कहा कि अब पुलिस सिर्फ अपराधियों की सहयोगी नहीं रही, बल्कि खुद अपराधी बनते जा रहा है.
पीड़ित परिवार से मुलाकात
तेजस्वी यादव ने घटना के अगले दिन पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनका दुख-दर्द साझा किया. उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को हर स्तर पर उठाएगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष करेगी.
परिजनों की हालत बेहद खराब बताया जा रहा है. परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

जनता का गुस्सा और संभावित आंदोलन
इस घटना के बाद पूरे बिहार में खासकर मुजफ्फरपुर जिले में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही आरोपी थाना प्रभारी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे.
तेजस्वी यादव ने भी चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो मुजफ्फरपुर को पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा.उन्होंने इस संभावित स्थिति के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है.
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने बिहार की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया हैं. विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि राज्य में अपराध बढ़ता जा रहा हैं और पुलिस की भूमिका संदिग्ध होती जा रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पुलिस पर ही इस तरह के आरोप लगने लगें, तो आम जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है. ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी होती है.
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सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक इस मामले में सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आया है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है.
लेकिन जनता और विपक्ष का कहना है कि सिर्फ जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि तुरंत गिरफ्तारी और सख्त सजा जरूरी है.
निष्कर्ष
मुजफ्फरपुर का यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही का मुद्दा बन चुका है.तेजस्वी यादव के बयान ने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है.अब देखना यह है कि सरकार इस पर कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करती है.
यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो यह घटना एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है, जिसका असर पूरे बिहार की राजनीति और कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है.

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