संजय सरावगी बोले– बिहार के लिए यह ऐतिहासिक दिन
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,19 जनवरी 2026 — भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठनात्मक इतिहास में आज का दिन विशेष महत्व रखता है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है.इस घटनाक्रम को भाजपा में एक नए युग की शुरुआत बताते हुए बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे पूरे संगठन और विशेष रूप से बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण करार दिया है.
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह दिन भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए गर्व और आत्मविश्वास से भरा हुआ है.उनके अनुसार, नितिन नवीन का नामांकन भाजपा की उस परंपरा और आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था को दर्शाता है, जिसमें मेहनत, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है.
भाजपा की लोकतांत्रिक परंपरा का सशक्त उदाहरण
संजय सरावगी ने कहा कि भाजपा देश की उन चुनिंदा राजनीतिक पार्टियों में शामिल है, जहां संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक है. राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे सर्वोच्च पद के लिए नामांकन और चयन की प्रक्रिया यह दिखाती है कि पार्टी में किसी एक वर्ग, जाति या परिवार का वर्चस्व नहीं, बल्कि कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत है.
उन्होंने बताया कि नितिन नवीन के नामांकन के बाद मंगलवार को पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा की जाएगी.इसके साथ ही भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलेगा, जो आने वाले समय में संगठन को नई दिशा और ऊर्जा देगा.
भाजपा परिवार की पार्टी है, जाति की नहीं
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा किसी एक जाति या परिवार की पार्टी नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा और परिवार के रूप में काम करती है.उन्होंने कहा, भाजपा का हर कार्यकर्ता भाजपा परिवार का हिस्सा माना जाता है. यहां नेतृत्व उन्हीं लोगों को मिलता है, जिन्होंने जमीन से संगठन को सींचा है.
उन्होंने अन्य दलों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि वंशवाद की राजनीति में सिर्फ परिवार के सदस्यों को ही आगे बढ़ाया जाता है, जबकि भाजपा में एक साधारण कार्यकर्ता भी मेहनत और संगठन के भरोसे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है.
कार्यकर्ताओं के भरोसे पर खरे उतरे हैं नितिन नवीन
संजय सरावगी ने नितिन नवीन को कार्यकर्ताओं का चहेता नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने संगठन में विभिन्न दायित्वों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाया है. उनका राजनीतिक सफर भाजपा की कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का जीवंत उदाहरण है.
उन्होंने विश्वास जताया कि नितिन नवीन एक सशक्त, सक्षम और दूरदर्शी राष्ट्रीय अध्यक्ष साबित होंगे और पार्टी को वैचारिक व संगठनात्मक रूप से और अधिक मजबूत बनाएंगे.
बिहार के लिए विशेष गौरव का क्षण
नितिन नवीन के पटना निवासी होने को लेकर संजय सरावगी ने विशेष खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि राज्य का एक समर्पित कार्यकर्ता राष्ट्रीय राजनीति में शीर्ष नेतृत्व की भूमिका निभाने जा रहा है.
उन्होंने कहा, आज का दिन भारत की राजनीति के लिए बड़ा है, लेकिन बिहार के लिए सबसे बड़ा दिन है.यह पल न केवल भाजपा बल्कि पूरे राज्य के लिए ऐतिहासिक है.
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भविष्य की राजनीति पर असर
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भाजपा की संगठनात्मक राजनीति में निरंतरता और नवाचार दोनों का संकेत है.इससे पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी.
भाजपा की यह प्रक्रिया यह भी दर्शाती है कि पार्टी नेतृत्व परिवर्तन को एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाती है, जिससे उसकी विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक छवि और मजबूत होती है.
निष्कर्ष
नितिन नवीन का नामांकन केवल एक औपचारिक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा की उस सोच का प्रतिबिंब है जिसमें कार्यकर्ता सर्वोपरि है. संजय सरावगी के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि भाजपा अपने मूल सिद्धांतों , संगठन, समर्पण और लोकतंत्र ,पर आज भी मजबूती से कायम है.
आने वाले दिनों में नितिन नवीन के नेतृत्व में भाजपा किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर पूरे देश की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन इतना तय है कि बिहार ने आज राष्ट्रीय राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है.

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