राजेश राम ने सरकार की मौनता पर सवाल उठाए
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना आयकर गोलंबर, 20 जनवरी: पटना में जहानाबाद की NEET छात्रा के साथ कथित रूप से दुराचार और हत्या के मामले ने बिहार की राजनीति और सामाजिक जगत को झकझोर दिया है. इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंता का विषय बन चुका है.
कांग्रेस नेता राजेश राम ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि यह सिर्फ एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की हत्या है. उन्होंने पटना के आयकर गोलंबर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विरोध-प्रदर्शन किया और ‘गुंडाराज’ के खिलाफ सड़क पर उतरने का आह्वान किया.
कांग्रेस का आरोप: सरकार की मौनता असंवेदनशीलता है
राजेश राम ने कहा कि बिहार में बेटियाँ असुरक्षित हैं और सरकार चुप्पी साधे बैठी है.उन्होंने कहा कि यह चुप्पी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस घटना पर बिहार की बेटियों से माफी मांगने की मांग की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी इस मामले में संवेदनशील नहीं दिख रहा हैं.
राजेश राम ने कहा कि पीड़िता को जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाए और उनके परिवार को धमकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो. साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिहार की हर बेटी के सम्मान और न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी.
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सामाजिक बहस
यह घटना राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक नई बहस शुरू कर रही है. विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यप्रणाली और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया हैं.
कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार को दबाव में लाकर पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाना और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग करना बताया गया.
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
राजेश राम के बयान के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है? क्या सरकार अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई कर रही है? और क्या पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सुरक्षा व न्याय मिल पा रहा है?
इन सवालों के बीच प्रशासन ने अभी तक इस मामले में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. हालांकि, पुलिस और सरकार के स्तर पर मामले की जांच जारी बताई जा रही है.
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आगे की प्रक्रिया: क्या होगी कार्रवाई?
किसी भी मामले में निष्पक्ष और त्वरित जांच ही न्याय का आधार होती है.इस मामले में भी प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वे अपराधियों को जल्द गिरफ्तार करें और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाएं.
साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाएगी.
स्रोत:यह रिपोर्ट राजेश राम (@rajeshkrinc) के ट्वीट और उनके विरोध प्रदर्शन की जानकारी पर आधारित है

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