कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 04 दिसंबर 2025 —बिहार में होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसी क्रम में बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के शिक्षक प्रकोष्ठ ने सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से एक महत्वपूर्ण अपील किया है. प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुमर राय ने कहा कि इस बार पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची निर्माण के अभियान में विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभानी होगी, ताकि अधिकतम शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो सके.
मतदाता सूची की तिथि 10 दिसंबर तक बढ़ाई गई
कुमर राय ने जानकारी दी कि राजद शिक्षक प्रकोष्ठ के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए समय-सीमा 10 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है.
उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त समय छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने का बड़ा अवसर है. इसलिए, सभी राजद कार्यकर्ता और नेता शिक्षक-स्नातक मतदाताओं तक पहुँचकर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाने में हरसंभव मदद करें.
विधान परिषद के वर्तमान प्रतिनिधियों से नाराज़गी बढ़ी
कुमर राय ने कहा कि वर्तमान में विधान परिषद में बैठे प्रतिनिधियों के प्रति शिक्षकों और स्नातकों में गहरा आक्रोश है.उन्होंने कहा कि वर्षों से उनकी आवाज़ को उपयुक्त मंच नहीं मिला, और उनकी समस्याएँ अनदेखी होती रहीं.
ऐसे में सामाजिक न्याय की धारा को मजबूत करने और हाशिये पर रहे वर्गों—पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक और महिलाओं—को न्याय दिलाने का समय आ गया है.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगामी विधान परिषद चुनाव बैलेट पेपर से होगा, इसलिए हर वोट मायने रखता है और प्रत्येक समर्थक का नाम मतदाता सूची में होना बेहद ज़रूरी है.
तेजस्वी यादव के कार्यकाल ने शिक्षकों में भरोसा जगाया
राजद शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 17 महीने के कार्यकाल में शिक्षकों के हित में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए. चाहे वेतन-संबंधी फैसले हों, कार्यस्थल पर सुविधा हो या प्रशासनिक पारदर्शिता—हर स्तर पर शिक्षकों को सम्मान देने की सोच नजर आई.
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं और स्नातकों के लिए तेजस्वी यादव द्वारा रोजगार और नियुक्ति को लेकर अपनाई गई नीतियों ने उनमें उत्साह और भरोसा पैदा किया है.
आज स्नातक और उच्च शिक्षा प्राप्त युवा खुलकर कह रहे हैं कि उन्हें अपने भविष्य की दिशा राष्ट्रीय जनता दल में दिख रही है.
कुमर राय ने कार्यकर्ताओं से अपील किया है कि,
इस बढ़ते आकर्षण को और मजबूत बनाने का समय है. हर कार्यकर्ता घर-घर पहुंचे और छूटे हुए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने में सहायता करे.
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शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को जनता तक पहुँचना ज़रूरी: एजाज अहमद
इसी क्रम में राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने भी शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाया. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के अधिकारी शिक्षकों के साथ जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, वह न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि अपमानजनक भी है.
शिक्षकों को प्रशासनिक स्तर पर परेशान किया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है.
उन्होंने आगे कहा कि सरकार नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है. बेरोज़गारी बढ़ रही है, और स्नातक युवाओं में निराशा गहराती जा रही है.
ऐसे समय में तेजस्वी यादव ने हर मोर्चे पर शिक्षकों और छात्रों के लिए आवाज उठाई है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षशील रहे हैं.यही कारण है कि शिक्षक और स्नातक वर्ग का भरोसा तेजी से राजद की ओर बढ़ रहा है.
राजद का संकल्प—शिक्षक एवं छात्र हितों की हर कीमत पर रक्षा
राजद शिक्षक प्रकोष्ठ और पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे न सिर्फ चुनावी स्तर पर बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी शिक्षकों और छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि यदि हर शिक्षक और स्नातक मतदाता का नाम सूची में दर्ज हो जाए, तो न सिर्फ इस वर्ग की राजनीतिक ताकत बढ़ेगी, बल्कि उनके मुद्दों की उपेक्षा करने वाली सरकारों को भी स्पष्ट संदेश मिलेगा.

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