कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर राजद का संकल्प
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 17 फरवरी 2026 — बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय की धारा को फिर से केंद्र में लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर पटना के बापू सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया.इस अवसर पर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से कर्पूरी ठाकुर के विचारों को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव की सोच के साथ पार्टी को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचकर गरीब, वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत करना होगा.

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने किया , जबकि संचालन पूर्व मंत्री इसराईल मंसूरी ने किया.कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के तैलचित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया.इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे. प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि कार्यक्रम में कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया.

तेजस्वी यादव का संबोधन: सामाजिक न्याय की राजनीति पर जोर
सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के अरमानों को दिल्ली तक पहुंचाना ही राजद का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा ही बिहार की असली ताकत है और पार्टी का हर कार्यकर्ता लालू प्रसाद यादव की सोच के साथ गरीब-गुरबों के सम्मान और अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाएगा.
तेजस्वी ने कहा कि आज के दौर में गरीबों के अधिकारों को छीना जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. ऐसे समय में जरूरत है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए और उनके अधिकारों के लिए मजबूत संघर्ष किया जाए.
उन्होंने अपने परिवार और कर्पूरी ठाकुर के रिश्तों को याद करते हुए कहा कि भले ही उन्होंने कर्पूरी जी को व्यक्तिगत रूप से नहीं देखा, लेकिन अपने माता-पिता से सुनी उनकी कहानियों ने उन्हें सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी है. तेजस्वी ने बताया कि कर्पूरी ठाकुर हमेशा गरीबों और वंचितों की आवाज उठाते थे और यही उनकी राजनीति की असली पहचान थी.
बिहार सरकार और केंद्र पर साधा निशाना
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने बिहार की मौजूदा सरकार और केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला है.उन्होंने कहा कि बिहार में जनप्रतिनिधियों की आवाज नहीं सुनी जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है.अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि को लेकर उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान स्थिति महाजंगलराज जैसी प्रतीत होता है.
तेजस्वी ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को महंगा बना दिया गया है, जिससे गरीब वर्ग का चुनाव लड़ना मुश्किल हो गया है.उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को नोटतंत्र में बदला जा रहा है, लेकिन राजद गरीबों को चुनाव लड़ने और अधिकार दिलाने की लड़ाई जारी रखेगा.
सामाजिक न्याय के नायकों के विचारों को साथ लेकर चलने की बात
तेजस्वी यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी की राजनीति का मुकाबला करने के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर, जगदेव प्रसाद और जयप्रकाश नारायण के विचारों को मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि राजद संगठन को और धारदार बनाकर बिहार ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करेगा.
उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से हाथ उठवाकर संकल्प दिलाया कि वे कर्पूरी ठाकुर के विचारों और उनके अधूरे सपनों को दिल्ली तक पहुंचाने का कार्य करेंगे. सभा में कर्पूरी ठाकुर अमर रहें के नारों के साथ माहौल गूंज उठा.

राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं की व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही, जिनमें सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और विभिन्न पदाधिकारी शामिल थे. हजारों की संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के विचारों पर चलने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
ये भी पढ़े :महार सत्याग्रह का अपमान, बयान पर सियासी और सामाजिक बहस तेज
ये भी पढ़े :SP Media Cell का हमला: योगी आदित्यनाथ पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार के आरोप
राजनीतिक संदेश और आगामी रणनीति
इस कार्यक्रम के माध्यम से राजद ने स्पष्ट संकेत दिया कि पार्टी आने वाले समय में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों के अधिकार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी. तेजस्वी यादव का यह बयान आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है, जिसमें संगठन को मजबूत करने और जनाधार को अंतिम पायदान तक विस्तारित करने पर जोर दिया गया है.
निष्कर्ष
पटना के बापू सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की राजनीति को पुनः मजबूती देने का एक बड़ा संदेश भी था.तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए राजद संघर्ष और आंदोलन का रास्ता अपनाएगी.
राजनीतिक दृष्टि से यह आयोजन राजद के लिए शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ वैचारिक पुनर्संकल्प का मंच बना, जहां पार्टी ने गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया.

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.


















