तेजस्वी का पलटवार: माँ सिर्फ माँ होती है, बहस का विषय नहीं
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 3 सितम्बर 2025–राजनीति के मंच पर शब्दों का इस्तेमाल जितना सोच-समझकर होना चाहिए, उतना ही यह हमारी संवेदनाओं और संस्कारों का आईना भी होता है.लेकिन जब देश की सबसे ऊँची कुर्सी पर बैठे नेता मंत्री विधायक ही माँ, बहन और बेटियों को अपमानित करने वाले बयान दें या ऐसे लोगों का साथ दें जो अभद्र और अपमानित करने बाले शब्दो का इस्तेमाल करता हो , तो सवाल उठना लाज़िमी है.
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ठीक इसी मुद्दे को उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर सीधा वार किया है.उन्होंने कहा कि “माँ तो माँ होती है” – और इस वाक्य के ज़रिए उन्होंने सत्ता के दोहरे चरित्र को बेनकाब करने की कोशिश की है.
तेजस्वी का आरोप है कि भाजपा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए गाली-गलौज और महिलाओं का अपमान करने की राजनीति करती है, जबकि किसानों, बेरोज़गारों और शहीद जवानों के मुद्दों पर चुप रहती है.
आइए आगे जानते हैं विस्तार से कि तेजस्वी यादव ने अपने बयान में किन-किन गंभीर सवालों और आरोपों को उठाया है।
माँ के सम्मान पर राजनीति क्यों?
तेजस्वी यादव ने कहा – “माँ तो माँ होती है.चाहे इंसान हो या जीव-जंतु, हर किसी का अस्तित्व माँ की वजह से है.किसी भी परिस्थिति में किसी की माँ-बहन-बेटी पर अपशब्द बोलना शर्मनाक है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के बड़े नेता बार-बार महिलाओं को अपमानित करने वाले बयान देते हैं और प्रधानमंत्री खुद उस पर चुप रहते हैं या उन्हें प्रोत्साहित करते हैं.
मोदी के विवादित बयान और दोहरे मापदंड
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमलों का लंबा सिलसिला गिनाया—
कभी किसी की माँ को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड”कहा.
शहीद प्रधानमंत्री की पत्नी और उनकी माँ को विधवा और जर्सी गाय कहा.
नीतीश कुमार पर DNA खराब कहकर उनकी पैदाइश पर सवाल उठाए.
तेजस्वी ने सवाल किया – क्या यही वह राजनीतिक संस्कृति है जिसे भाजपा ‘शानदार भाषण’ कहती है?
भाजपा नेताओं के महिला विरोधी बयान
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की जुबान अक्सर महिलाओं के खिलाफ जहर उगलती रही है.
हाल ही में विधानसभा में उनकी माँ पर अभद्र टिप्पणी की गई.
एक भाजपा नेता ने उनकी प्रवक्ता को सड़क पर बलात्कार की धमकी दी और इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने उस नेता को सम्मान दिया.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने खुद को गालियों की चलती-फिरती दुकान बताया था और अब वही आंसू बहा रहे हैं.
तेजस्वी ने पूछा – क्या यही है महिला सशक्तिकरण का नारा?
ये भी पढ़े :राजद प्रवक्ता का पलटवार: प्रधानमंत्री के आरोप निराधार
ये भी पढ़े :राहुल गांधी का तीखा हमला: संविधान खतरे में!
मणिपुर, किसान आंदोलन और बेरोजगारी पर चुप्पी
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा –
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया गया, लेकिन केंद्र सरकार मौन रही.
गुजरात में बिहारियों के साथ भेदभाव हुआ, युवाओं पर बेरोजगारी और लाठियां बरसीं, तब भी सरकार खामोश रही.
किसान आंदोलन में हज़ारों किसान मरे, लॉकडाउन में मजदूर भूखे-प्यासे पैदल चलते रहे, पुलवामा और गलवान में सैनिक शहीद हुए – लेकिन तब किसी के आँसू नहीं निकले.
वोट चोरी छुपाने का प्रपंच
तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा बार-बार मुद्दों से भटकाने के लिए नकारात्मक राजनीति करती है.
उनका कहना था – ये सब वोट चोरी से ध्यान हटाने के लिए रचे गए प्रपंच हैं. लेकिन जनता सब देख रही है. सच यही है – माँ तो माँ होती है.
मणिपुर से लेकर किसान आंदोलन तक
तेजस्वी ने मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया गया, लेकिन केंद्र सरकार चुप रही.
उन्होंने आरोप लगाया कि –
गुजरात में बिहारी मजदूरों को अपमानित किया गया, युवाओं को बेरोजगारी और लाठियों का सामना करना पड़ा.
किसान आंदोलन में हज़ारों किसानों की मौत हुई, लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर पैदल चलते हुए मारे गए, पुलवामा, पहलगाम और गलवान में सैनिक शहीद हुए – तब किसी को दर्द नहीं हुआ.
दोहरे चरित्र से वोट चोरी छुपाई जा रही है
तेजस्वी ने अपने बयान का समापन करते हुए कहा –
यह सब वोट चोरी से ध्यान भटकाने का षड्यंत्र है.इनके दोहरे चरित्र को जनता समझ चुकी है. सच यही है – माँ तो माँ होती है.
निष्कर्ष
तेजस्वी यादव का यह बयान सिर्फ भाजपा या प्रधानमंत्री पर हमला नहीं है, बल्कि यह सवाल भी है कि राजनीति में महिलाओं की गरिमा कितनी सुरक्षित है? किसानों, जवानों और युवाओं की आवाज कब तक अनसुनी की जाएगी?

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.



















