परिवारवाद के खिलाफ राजनीति सिर्फ दिखावा? नीतीश कुमार पर आरजेडी का तीखा हमला

| BY

Ajit Kumar

बिहार
बिहार में परिवारवाद पर सियासी विवाद, नीतीश कुमार पर विपक्ष का आरोप

बिहार राजनीति: एजाज अहमद का आरोप – NDA सत्ता के लिए परिवारवादी राजनीति को बढ़ावा दे रही

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 8 मार्च : बिहार की राजनीति में एक बार फिर परिवारवाद का मुद्दा गरमा गया है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar और एनडीए पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सत्ता और स्वार्थ के लिए परिवारवादी राजनीति को स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.

एजाज अहमद का कहना है कि वर्षों तक परिवारवाद के खिलाफ बड़े-बड़े बयान देने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति अब खुद उसी रास्ते पर चलती दिखाई दे रही है. उनका आरोप है कि परिवारवाद के खिलाफ जो बातें पहले कही जाती थीं, वह केवल राजनीतिक ढकोसला था और असल मकसद अपने परिवार के सदस्य को राजनीति में स्थापित करना था.

राजद का आरोप: परिवारवाद के खिलाफ बयान सिर्फ राजनीतिक नारा

आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लंबे समय तक परिवारवादी राजनीति के खिलाफ खुद को सबसे बड़ा विरोधी बताने की कोशिश किया. लेकिन हाल की घटनाओं से यह साफ हो गया है कि वह भी अब उसी राजनीति को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र Nishant Kumar को राजनीति में स्थापित करने के लिए एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति बनाई है. एजाज अहमद के अनुसार, राज्यसभा की राजनीति और सत्ता के समीकरणों का इस्तेमाल करके परिवारवादी विरासत की राजनीति को एक नया आयाम देने की कोशिश की जा रही है.

आरजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री का राज्यसभा से जुड़ा निर्णय भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि राजनीतिक उत्तराधिकार के लिए जमीन तैयार की जा सके.

पोस्टर, बैनर और इवेंट के जरिए राजनीतिक संदेश

एजाज अहमद ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में जिस तरह से बड़े स्तर पर पोस्टर, बैनर और कार्यक्रम आयोजित किए गए, उससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि किसी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की तैयारी चल रही है.

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से प्रचार अभियान में हाथी, घोड़ा, ऊंट और बैंड-बाजे के साथ कार्यक्रमों को इवेंट की तरह प्रस्तुत किया गया, वह इस बात की ओर इशारा करता है कि सत्ता के अंदर राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर एक विशेष योजना बनाई जा रही है.

उनका कहना है कि यह सब कुछ अचानक नहीं हो रहा, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है.

जदयू के अंदर नेतृत्व की चुनौती

एजाज अहमद ने कहा कि Janata Dal (United) के भीतर भी नेतृत्व को लेकर एक अनिश्चितता बनी हुई है. उनका आरोप है कि इसी कारण पार्टी के अंदर परिवारवादी राजनीति का सहारा लिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि पहले जनता दल यू परिवारवाद के खिलाफ खुद को एक अलग राजनीतिक मॉडल के रूप में पेश करती थी, लेकिन अब वही पार्टी उसी राजनीति को अपनाने की कोशिश कर रही है जिसे वह पहले गलत बताती थी.

आरजेडी प्रवक्ता के अनुसार, इससे यह साफ होता है कि परिवारवाद के खिलाफ जो भी बयान दिए जाते थे, वह केवल राजनीतिक नारों तक ही सीमित थे.

बीजेपी और जेडीयू के बीच राजनीतिक समझौता?

एजाज अहमद ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक समझौता भी हो सकता है.उनका कहना है कि Bharatiya Janata Party और जनता दल यू के बीच सत्ता संतुलन को लेकर एक रणनीतिक समझ बन सकती है.

उन्होंने कहा कि एक तरफ बीजेपी को नीतीश कुमार को धीरे-धीरे किनारे करने की जरूरत थी, वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी को स्थापित करना चाहते थे.

आरजेडी के मुताबिक, इसी वजह से दोनों पक्षों ने एक दूसरे के राजनीतिक हितों को साधने का रास्ता चुना है.

ये भी पढ़े :गुजरात में बदलाव की मांग, केजरीवाल ने BJP पर भ्रष्टाचार और किसान उत्पीड़न का लगाया आरोप
ये भी पढ़े :ईरान के जहाज़ पर अमेरिकी हमले को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला

बिहार की जनता क्या करेगी फैसला?

एजाज अहमद ने कहा कि बिहार की जनता बहुत जागरूक है और वह समय आने पर सही फैसला करेगी.उनका दावा है कि आने वाले समय में बिहार के लोग सत्ता के लिए परिवारवाद को बढ़ावा देने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे.

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह समझती है कि सत्ता में बैठे लोगों का उद्देश्य अगर केवल अपने हितों को साधना हो, तो इससे लोकतंत्र और जनहित दोनों कमजोर होते हैं.

आरजेडी प्रवक्ता के अनुसार, बिहार की जनता ऐसे राजनीतिक प्रयोगों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर अपना निर्णय देगी.

निष्कर्ष

बिहार की राजनीति में परिवारवाद का मुद्दा हमेशा से बहस का विषय रहा है. एक तरफ राजनीतिक दल खुद को परिवारवादी राजनीति के खिलाफ बताते हैं, वहीं दूसरी तरफ समय-समय पर ऐसे आरोप सामने आते रहते हैं जो इस दावे को चुनौती देते हैं.

आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद का यह बयान भी इसी राजनीतिक बहस को और तेज कर रहा है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की राजनीति में यह मुद्दा किस तरह से आगे बढ़ता है और जनता किस पक्ष को सही मानती है.

Trending news

Leave a Comment