अरुण कुमार यादव ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग की
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे समाजसेवी सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है तथा ऐसी परिस्थितियों में पुलिस कार्रवाई को गंभीरता से देखा जाना चाहिए.
राजद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को बल प्रयोग के माध्यम से दबाने की कोशिश उचित नहीं माना जासकता है .पार्टी ने केंद्र सरकार से संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता देने की अपील की है .
क्या कहा अरुण कुमार यादव ने?
राजद प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे आंदोलन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा है और इसे दमन के बजाय संवाद के माध्यम से संबोधित किया जाना चाहिए .
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विभिन्न विचारों और आंदोलनों के लिए स्थान होना चाहिए तथा सरकार को विरोध की आवाज़ सुनने का प्रयास करना चाहिए .
आंदोलन को लेकर राजद का पक्ष
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राजद का कहना है कि आंदोलनकारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए . पार्टी का मानना है कि यदि किसी विषय पर जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता या नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखते हैं तो सरकार को लोकतांत्रिक संवाद की प्रक्रिया अपनानी चाहिए .
राजद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह टकराव की स्थिति से बचते हुए संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप समाधान तलाशे .
ये भी पढ़े :ग्राम पंचायत होल्डिंग टैक्स पर राजद का हमला, अरुण यादव ने एनडीए सरकार के फैसले को बताया जनविरोधी
ये भी पढ़े :मध्य प्रदेश में कथित ₹1200 करोड़ एथेनॉल-चावल घोटाले पर खरगे का हमला
लोकतंत्र और विरोध प्रदर्शन पर उठे सवाल
भारत का संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है .हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की भी होती है .ऐसे मामलों में अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर बहस देखने को मिलती है .
राजद ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संवाद, सहमति और संवैधानिक मर्यादाओं के पालन से ही संभव है .पार्टी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह विरोध प्रदर्शनों को लेकर संवेदनशील रवैया अपनाए .
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है .राजद ने इस मामले में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है . आने वाले दिनों में इस विषय पर सरकार, प्रशासन और आंदोलनकारियों की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी .

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.


















