भाकपा माले ने जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और आइसा नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए 20 जुलाई को बिहारभर में प्रदर्शन का आह्वान किया
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना : जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) के नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भाकपा माले ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए बिहार के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया.
भाकपा माले राज्य सचिव कुणाल ने जारी बयान में कहा कि पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों पर संवाद करने के बजाय पुलिस कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है.
पुलिस कार्रवाई पर भाकपा माले का आरोप
कुणाल के अनुसार, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन हटाने और उनका अनशन समाप्त कराने की कोशिश की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के साथ भी पुलिस ने बदसलूकी की और उन्हें जबरन हटाने का प्रयास किया. साथ ही आंदोलनकारियों के साथ धक्का-मुक्की किए जाने का भी आरोप लगाया गया.
भाकपा माले का कहना है कि केंद्र सरकार आंदोलनकारियों से बातचीत करने और उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है, जिसकी पार्टी कड़ी निंदा करती है.
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर उठी मांग
पार्टी के बयान में कहा गया कि आंदोलन का मुख्य मुद्दा पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताएं और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार है. भाकपा माले ने सरकार से इन आरोपों पर जवाबदेही तय करने और आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है.
अस्पताल ले जाने के बाद भी जारी है भूख हड़ताल
भाकपा माले के अनुसार, सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है. पार्टी का दावा है कि आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा समेत अन्य छात्र नेता भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं और आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं.
पार्टी का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद छात्र-युवा आंदोलन जारी रहेगा और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष चलता रहेगा.
बिहार के कई जिलों में हुआ विरोध प्रदर्शन
भाकपा माले ने बताया कि सोनम वांगचुक और आइसा नेताओं के समर्थन में आरा, जगदीशपुर सहित बिहार के कई जिलों में आइसा, आरवाईए और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया.
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20 जुलाई को राज्यव्यापी प्रदर्शन का आह्वान
भाकपा माले ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को बिहारभर में आइसा, आरवाईए और पार्टी कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे. पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा.
निष्कर्ष
भाकपा माले का यह बयान जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर पार्टी का आधिकारिक राजनीतिक रुख प्रस्तुत करता है. वहीं, इस मामले पर सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से यदि कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, तो उससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

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