हापुड़ में दलित परिवार पर हमला, घायल दीपक की मौत

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kmSudha

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हापुड़ बदनौली हिंसा में घायल दीपक की मौत पर चंद्रशेखर आजाद ने निष्पक्ष जांच की मांग की

पुरानी रंजिश में पथराव और फायरिंग का आरोप, चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो : उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पुरानी रंजिश को लेकर हुई कथित हिंसा के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया है कि नगर कोतवाली क्षेत्र के बदनौली गांव में 4 सितंबर को दलित परिवारों के घरों में घुसकर पथराव और फायरिंग की घटना हुई. इस घटना में एक महिला समेत तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही गई है.

चंद्रशेखर आजाद के अनुसार, घायलों में शामिल दीपक की 5 सितंबर की रात इलाज के दौरान मौत हो गई. उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया है और इस पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है.

पुलिस की भूमिका पर चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में सबसे गंभीर सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठाया है. उनका कहना है कि संबंधित पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था और मुकदमे भी दर्ज थे. इसके बावजूद उनका आरोप है कि समय रहते हिंसा को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए.

आजाद ने दावा किया कि पुलिस की कथित लापरवाही का खामियाजा अब एक परिवार को अपने बेटे की जान गंवाकर भुगतना पड़ा है. हालांकि, पुलिस की भूमिका और कथित लापरवाही से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है.

निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग

चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच केवल घटना के बाद हुई हिंसा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन परिस्थितियों की भी पड़ताल होनी चाहिए जिनके कारण विवाद हिंसक घटना में बदला.

उन्होंने विशेष रूप से घटना से पहले की परिस्थितियों, पुलिस की भूमिका और हिंसा को रोकने में हुई कथित चूक की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.

आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

आजाद ने दलित पक्ष पर हमला करने के आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ उचित आर्थिक सहायता तत्काल देने की मांग भी सरकार के सामने रखी है.

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब किसी पुराने विवाद के हिंसक रूप लेने और परिवार के एक सदस्य की मौत होने से कानून-व्यवस्था तथा पुलिस की समय पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मामले में निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और हिंसा को रोकने में किसी स्तर पर चूक हुई या नहीं.

पीड़ित परिवार से संपर्क की जानकारी

चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की जिला टीम तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और हापुड़ विधानसभा प्रभारी वीरेंद्र कुमार सिरिश ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना.

उन्होंने यह भी बताया कि वीडियो कॉल के माध्यम से उनकी स्वयं पीड़ित परिवार से बातचीत कराई गई. आजाद ने मृतक दीपक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की कामना की.

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जांच के नतीजों पर रहेगी नजर

हापुड़ की इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब जांच और पुलिस कार्रवाई से जुड़े हैं. यदि पहले से विवाद और मुकदमों की स्थिति थी, तो जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारियों को स्थिति की कितनी जानकारी थी और हिंसा रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे.

फिलहाल चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार की सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग की है. मामले की वास्तविक तस्वीर जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी.

न्यूज़ स्रोत: चंद्रशेखर आजाद (@BhimArmyChief) की 5 सितंबर 2026 की सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित

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