11 से 14 सितंबर तक बिहारभर में राहत संग्रह, बाढ़ प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने के लिये
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,12 सितंबर 2026: नेपाल में आई भीषण त्रासदी और बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ से बने संकट के बीच भाकपा-माले ने राज्यव्यापी राहत संग्रह अभियान शुरू किया है.पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान 11 से 14 सितंबर तक पूरे बिहार में चलाया जा रहा है.इस दौरान पार्टी की राज्य से लेकर स्थानीय स्तर तक की कमिटियां राहत सामग्री और सहयोग राशि जुटाने में सक्रिय हैं.
पार्टी के अनुसार, कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में आम नागरिकों से राहत के लिए आर्थिक सहयोग और आवश्यक सामग्री का संग्रह कर रहे हैं. भाकपा-माले का कहना है कि नेपाल की त्रासदी और बिहार में बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोगों के सामने गंभीर मानवीय संकट पैदा हुआ है, ऐसे में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को आगे आने की जरूरत है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रहे पार्टी कार्यकर्ता
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भाकपा-माले के नेता और कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. पार्टी का दावा है कि कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुनने के साथ भोजन, जरूरी सामान और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर राहत कार्यों को संगठित कर रहे हैं.
पार्टी ने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य को केवल सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं रखा जा सकता.उसके अनुसार, समाज के सभी हिस्सों को मिलकर प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए.

11 से 14 सितंबर तक राहत संग्रह की अपील
भाकपा-माले ने बिहार की जनता से 11 से 14 सितंबर तक चल रहे राज्यव्यापी राहत संग्रह अभियान में सहयोग करने की अपील की है. पार्टी ने लोगों से नेपाल और बिहार के बाढ़ पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाने तथा अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में योगदान देने का आग्रह किया है.
पार्टी का कहना है कि आपदा के समय प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना केवल मानवीय संवेदना का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है. भाकपा-माले ने कहा कि वह अपने स्तर पर राहत कार्यों को आगे भी जारी रखेगी और प्रभावित लोगों की समस्याओं को उठाती रहेगी.

बिहार सरकार पर भाकपा-माले का गंभीर आरोप
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में भाकपा-माले ने बिहार सरकार की राहत व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं. पार्टी का आरोप है कि बिहार सरकार राहत कार्यों के नाम पर खानापूर्ति कर रही है. भाकपा-माले ने यह भी दावा किया कि बाढ़ के कारण लोगों की मृत्यु हो रही है, लेकिन सरकार इस स्थिति पर चुप्पी साधे हुए है.
हालांकि, ये आरोप भाकपा-माले की ओर से लगाए गए हैं. उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र आंकड़ा या सरकारी प्रतिक्रिया शामिल नहीं है. इसलिए सरकार की राहत व्यवस्था से जुड़े इन दावों को पार्टी के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
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आपदा के बीच राहत और राजनीतिक जवाबदेही दोनों मुद्दे
भाकपा-माले के इस अभियान में एक ओर नेपाल और बिहार के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत जुटाने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर पार्टी ने सरकार की राहत व्यवस्था और बाढ़ से निपटने के तरीके पर राजनीतिक सवाल भी उठाए हैं.
फिलहाल पार्टी का राज्यव्यापी राहत संग्रह अभियान 14 सितंबर तक चलने की घोषणा की गई है. इसके जरिए भाकपा-माले ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए आपदा प्रभावित परिवारों तक स्थानीय स्तर पर सहायता पहुंचाने की बात कही है.

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