भाजपा का बिहार बंद बना गुंडागर्दी का प्रतीक?

| BY

Ajit Kumar

बिहार
बिहार बंद: भाजपा की गुंडागर्दी पर जनता का गुस्सा, भाकपा-माले का बड़ा आरोप

बिहार की जनता ने किया खुला प्रतिरोध !

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 4 सितंबर 2025बिहार की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल में है.भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज के बंद ने एक बार फिर भाजपा का असली चेहरा उजागर कर दिया है.उनके मुताबिक, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने बर्ताव से यह साबित कर दिया कि वे बिहार में लोकतंत्र नहीं, बल्कि गुंडा राज स्थापित करना चाहते हैं.

लेकिन दिलचस्प यह रहा कि भाजपा द्वारा बुलाए गए इस बंद को जनता ने न केवल ठुकराया, बल्कि जगह-जगह उसका सीधा विरोध भी किया गया है.

बंद के नाम पर उत्पात और गुंडागर्दी

बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर खुलेआम हंगामा किया.कई जगह उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को गाली दी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया.

प्रसूति के लिए जा रही महिलाओं की एंबुलेंस रोकी गई.

फुटपाथ दुकानदारों के साथ मारपीट हुई.

महिला शिक्षिकाओं के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की गई.

भागलपुर में एक वरिष्ठ पत्रकार की माँ को गाली दी गई.

स्कूल जा रही बच्चियों को रोका गया और छात्राओं को परीक्षा से वंचित किया गया.

ये घटनाएं यह दर्शाती हैं कि भाजपा समाज में डर और हिंसा का माहौल बनाकर सत्ता हासिल करना चाहती है.

भाजपा का चरित्र और मानसिकता पर सवाल

भाकपा-माले ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह गुंडागर्दी नई बात नहीं है. बल्कि पार्टी की स्थायी सोच और संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है.
कुणाल ने कहा कि, भाजपा वो ताक़त है जिसने महिलाओं को जर्सी गाय और 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहा. यही पार्टी है जिसने बिलकिस बानो के बलात्कारियों को फूल-मालाएं पहनाईं और महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़कों को बचाया.

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जनता को मिल गया भाजपा का असली चेहरा

बिहार की जनता अब भाजपा की असलियत पहचान चुकी है.

अपराधियों को संरक्षण देना

महिलाओं का अपमान करना

लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाना
भाकपा-माले के अनुसार यही भाजपा की राजनीति का आधार है.

भाकपा-माले की अपील

भाकपा-माले ने राज्य की जनता से आह्वान किया कि ऐसी ताक़तों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं और बिहार को एक प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और सम्मानजनक राजनीति की दिशा में आगे बढ़ाएं.

यह बंद साबित करता है कि बिहार की जनता गुंडागर्दी और नफरत की राजनीति को अब बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है.

निष्कर्ष

भाजपा द्वारा बुलाया गया यह बंद जनता के लिए परेशानी और उत्पीड़न लेकर आया.सड़क पर हंगामा, महिलाओं और छात्राओं के साथ बदसलूकी, पत्रकारों पर गाली-गलौज और आम लोगों को परेशान करने जैसी घटनाओं ने भाजपा का असली चरित्र उजागर कर दिया.

भाकपा-माले के मुताबिक, यह साफ है कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों पर नहीं, बल्कि गुंडागर्दी और डर फैलाकर राजनीति करना चाहती है.लेकिन बिहार की जनता ने इस बंद को नकारकर और विरोध करके यह संदेश दे दिया है कि वे अब हिंसा और नफरत की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे.

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