भाजपा को बड़ा झटका, राजद का हुआ जनाधार मजबूत
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 8 सितंबर 2025:बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला. भाजपा नेता वीरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सदस्यता ग्रहण की है.यह कार्यक्रम पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में शिक्षक वर्ग और राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद थे.
भाजपा से राजद का रास्ता क्यों चुना?
इस सदस्यता कार्यक्रम के दौरान शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुमर राय और राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने नवागंतुक नेताओं का पार्टी में स्वागत किया.
प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि,
लालू प्रसाद जी और तेजस्वी यादव जी की नीतियों व विचारों से प्रभावित होकर लगातार बड़ी संख्या में शिक्षक और बुद्धिजीवी राजद से जुड़ रहे हैं.
वहीं शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कुमर राय ने कहा कि,
लालू प्रसाद जी का सामाजिक न्याय का दृष्टिकोण और तेजस्वी यादव जी का रोजगार, शिक्षा व विकास पर फोकस युवाओं और शिक्षकों के बीच नई उम्मीद जगा रहा है.यही वजह है कि भाजपा सहित अन्य दलों से लगातार लोग राजद का दामन थाम रहे हैं.
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कार्यक्रम में कौन-कौन हुए शामिल?
राजद की सदस्यता ग्रहण करने वालों में प्रमुख नाम प्रेम चंद कुशवाहा, रवीन्द्र प्रसाद कुशवाहा, जयराम प्रसाद, दरोगा राम और ललन प्रसाद शामिल हैं.इनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी की सदस्यता ली है .
इस मौके पर कई जाने-माने चेहरे मौजूद रहे, जिनमें प्रो. पुनम कुशवाहा, डॉ. लाल बाबू प्रसाद, डॉ. धनंजय कुमार धनंजय और उपेंद्र चंद्रवंशी प्रमुख रहे.
राजनीतिक मायने
भाजपा के सक्रिय नेता का इस तरह समर्थकों सहित राजद में शामिल होना राजनीतिक हलचल को तेज करता है.विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार की बदलती राजनीतिक जमीन पर शिक्षक और बुद्धिजीवी वर्ग का रुझान राजद की ओर बढ़ना, आगामी चुनावों में समीकरण बदल सकता है.

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