तेजस्वी यादव 16 सितंबर से करेंगे बिहार अधिकार यात्रा की शुरुआत

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Ajit Kumar

बिहार
तेजस्वी यादव की बिहार अधिकार यात्रा जहानाबाद से वैशाली तक 5 दिवसीय अभियान

पाँच दिनों तक जनता से करेंगे सीधा संवाद

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 12 सितंबर 2025 – बिहार की सियासत एक बार फिर से गरमाने वाली है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव 16 सितंबर 2025 से जहानाबाद से अपनी पाँच दिवसीय “बिहार अधिकार यात्रा” की शुरुआत करने जा रहे हैं. यह यात्रा 20 सितंबर को वैशाली जिले में संपन्न होगी.इस दौरान तेजस्वी यादव राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे और जनता के बीच जाकर बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों को उठाएंगे.

यात्रा का कार्यक्रम और मार्ग

राजद द्वारा साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार, बिहार अधिकार यात्रा की शुरुआत जहानाबाद से होगी. इसके बाद यात्रा नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर और उजियारपुर होते हुए वैशाली में समाप्त होगी. प्रत्येक जिले और विधानसभा क्षेत्र में यात्रा के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जहां स्थानीय कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे.

राजद के प्रदेश प्रधान महासचिव श्री रणविजय साहू ने सभी जिलाध्यक्षों, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को पत्र जारी कर यात्रा की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता की आवाज को उठाने का एक बड़ा अभियान है.

केंद्र और राज्य सरकार पर तेजस्वी का निशाना

राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार के हितों की रक्षा करना है. उनका कहना है कि केंद्र सरकार लगातार बिहार के साथ हकमारी और सौतेलेपन का व्यवहार कर रही है. वहीं, राज्य की डबल इंजन सरकार ने भी रोजगार, किसानों की समस्याओं और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दों पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई है.

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तेजस्वी यादव इस यात्रा के माध्यम से बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, शिक्षा की बदहाल स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और मतदाताओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण सवाल जनता के बीच रखेंगे.राजद का कहना है कि इन मुद्दों पर बिहार की जनता लंबे समय से परेशान है, लेकिन सरकार केवल चुनावी नारों और वादों तक ही सीमित रही है.

जनता के बीच मजबूत करने की कवायद

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव की यह यात्रा 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाली है.विपक्ष के नेता के रूप में वे लगातार केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं, लेकिन अब सड़क पर उतरकर वे आम जनता से सीधे जुड़ने की कोशिश करेंगे.

राजद की यह रणनीति पार्टी के जनाधार को और मजबूत करने की है.यात्रा के दौरान न सिर्फ कार्यकर्ताओं को उत्साहित किया जाएगा बल्कि युवाओं और किसानों को यह संदेश भी दिया जाएगा कि राजद ही उनके मुद्दों की असली आवाज है.

बेरोजगारी और महंगाई सबसे बड़े मुद्दे

तेजस्वी यादव ने कई बार अपने बयानों में कहा है कि आज बिहार के युवा सबसे ज्यादा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं.लाखों अभ्यर्थी सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं लेकिन सरकार भरती प्रक्रिया को टाल रही है. इसी तरह महंगाई ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है. पेट्रोल-डीजल से लेकर रोज़मर्रा की ज़रूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.

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