भारतीयों के साथ बढ़ते दुर्व्यवहार पर उठाए सवाल
तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली – समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार की विदेश नीति को एक बार फिर कठघरे में खड़ा किया है. सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की कमजोरी और असफल कूटनीति की वजह से भारतीय नागरिक विदेशों में लगातार अपमान और दुर्व्यवहार का शिकार हो रहे हैं.
अखिलेश ने लिखा है कि, जब कोई सरकार कमजोर होती है, तो विदेशी सरकारें उसके नागरिकों को अपमानित करती हैं. हथकड़ी, बेड़ियां पहनाई जाती हैं और झूठे आरोप लगाए जाते हैं.भाजपा सरकार की वैश्विक विफलता का सबसे बड़ा सबूत है भारतीयों के साथ हो रही ये घटनाएं.उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा सत्ता से बाहर हो जाए, तो ऐसे संकट अपने आप खत्म हो जाएंगे.
जॉर्जिया की घटना बनी केंद्र बिंदु
उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में जॉर्जिया की सीमा पर भारतीय यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सुर्खियों में रहा. जानकारी के अनुसार, वैध ई-वीजा लेकर पहुंचे 56 भारतीय यात्रियों को सदख्लो बॉर्डर पर हिरासत में लिया गया.आरोप है कि हिरासत के दौरान उन्हें न तो भोजन दिया गया, न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनुमति. यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया गया.एक महिला यात्री ने इस घटना का विवरण सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया है.
विदेशों में भारतीयों की बिगड़ती स्थिति
यह घटना कोई अकेली नहीं है. पिछले कुछ महीनों में विदेशों में भारतीय समुदाय के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार सामने आई हैं.
ब्रिटेन में एक भारतीय सिख युवती के साथ बलात्कार और दुर्व्यवहार
अमेरिका में एक भारतीय नागरिक की बेरहमी से हत्या
स्विट्जरलैंड में भारतीयों पर हमला
ये घटनाएं भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. फरवरी 2025 में अमेरिका से वापस भेजे गए 104 भारतीय प्रवासियों (जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे) को हथकड़ी लगाकर विमान में बैठाने का मामला भी काफी विवादित रहा. विदेश मंत्रालय ने इस पर अमेरिका से आपत्ति तो दर्ज की, लेकिन ठोस कार्रवाई की कमी साफ झलकी.
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भाजपा सरकार पर विपक्ष का तीखा वार
अखिलेश यादव पहले भी विदेश नीति को लेकर भाजपा पर निशाना साध चुके हैं.सितंबर 2025 की शुरुआत में उन्होंने सरकार की विदेश नीति को “पूर्ण विफलता” बताया था. उनके अनुसार, चाहे पड़ोसी देशों से संबंध हों या वैश्विक महाशक्तियों से वार्ता – भाजपा सरकार हर मोर्चे पर कमजोर साबित हुई है.
अगस्त 2025 में अमेरिका द्वारा अचानक टैरिफ बढ़ाए जाने पर भी अखिलेश ने सरकार की कूटनीति को नाकाम बताया था. साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर ठोस कार्रवाई न कर पाने को उन्होंने सरकार की रणनीतिक असफलता करार दिया.
राजनीतिक रणनीति और प्रतिक्रिया
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह आक्रामक रुख केवल भाजपा की आलोचना भर नहीं है, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी है.उत्तर प्रदेश में सपा भाजपा के खिलाफ मुख्य विपक्षी शक्ति बनी हुई है और अखिलेश राष्ट्रीय मुद्दों को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं.
भाजपा ने, हालांकि, अखिलेश के आरोपों को चुनावी स्टंट बताया है. भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि सरकार विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है – चाहे वह मिशन प्रेरणा जैसे अभियान हों या कांसुलर सेवाओं का विस्तार,मगर आलोचकों का तर्क है कि जॉर्जिया जैसी घटनाएं दिखाती हैं कि सरकार की प्रतिक्रिया अभी भी पर्याप्त नहीं है.
निष्कर्ष
अखिलेश यादव का यह बयान भाजपा की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस के केंद्र में है. विपक्ष इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा सरकार अपने प्रयासों को सफल बताने में जुटी है. सवाल यह है कि क्या भारतीय नागरिकों की वैश्विक सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा सरकार पर्याप्त कदम उठा पाएगी, या यह वाकई विपक्ष के दावों की तरह ,वैश्विक विफलता साबित होगी?
मेरा नाम रंजीत कुमार है और मैं समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) हूँ. मैं महत्वपूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर गहन एवं विचारोत्तेजक लेखन में रुचि रखता हूँ। समाज में व्याप्त जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित तथा पठनीय शैली में प्रस्तुत करना मेरा मुख्य उद्देश्य है.
लेखन के अलावा, मूझे अकादमिक शोध पढ़ने, सामुदायिक संवाद में भाग लेने तथा समसामयिक सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा करने में गहरी दिलचस्पी है.



















