इनकम टैक्स रिपोर्ट कहां गई? नवनीत सहगल बने चेयरमैन, कांग्रेस ने घेरा
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 26 दिसंबर — उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि दिसंबर 2022 में इनकम टैक्स विभाग द्वारा तैयार किआ गया 254 पन्नों की एक अहम रिपोर्ट न सिर्फ रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया , बल्कि जिस अधिकारी के खिलाफ जांच होनी चाहिए थी, उसे रिटायरमेंट के बाद एक संवैधानिक संस्थान का प्रमुख बना दिया गया. कांग्रेस का कहना है कि यह मामला डबल इंजन सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
यह आरोप कांग्रेस के AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने दिल्ली से किए गए अपने X (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट के जरिए सामने रखा है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दिया है.
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस के अनुसार, दिसंबर 2022 में इनकम टैक्स विभाग ने एक 254 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के लोकायुक्त को भेजा था . इस रिपोर्ट में कथित तौर पर बड़े स्तर पर अनियमितताओं और घोटालों से जुड़े तथ्य शामिल थे.
हालांकि, जब इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की बात आई, तो लोकायुक्त कार्यालय ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि उन्हें ऐसी कोई रिपोर्ट मिली ही नहीं. इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि,
इनकम टैक्स की 254 पन्नों की रिपोर्ट आखिर गई कहां?
कांग्रेस का आरोप है कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर सच्चाई को दबाने का प्रयास हो सकता है.
जांच के बजाय इनाम?
कांग्रेस ने अपने बयान में सबसे तीखा सवाल यह उठाया है कि जिस अधिकारी के खिलाफ जांच होनी चाहिए थी, उसे रिटायरमेंट के बाद प्रसार भारती का चेयरमैन बना दिया गया.
यहां बात हो रही है नवनीत सहगल की, जिनका नाम इस पूरे विवाद के केंद्र में बताया जा रहा है.कांग्रेस का कहना है कि,
जिस व्यक्ति को प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रसार के लिए कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए था.
उसी व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के बाद एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्था का प्रमुख बना दिया गया,
कांग्रेस इसे जवाबदेही के बजाय पुरस्कार देने की संस्कृति करार दे रही है.
डबल इंजन सरकार पर सीधा हमला
कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को डबल इंजन सरकार से जोड़ते हुए कहा है कि नवनीत सहगल इस व्यवस्था के महत्वपूर्ण पिस्टन हैं, जो,
लखनऊ (राज्य सरकार) और दिल्ली (केंद्र सरकार) दोनों जगह समान रूप से प्रभावशाली रहे.
पार्टी का दावा है कि यही वजह है कि, रिपोर्ट गायब हो जाती है
लोकायुक्त को रिपोर्ट न मिलने की बात कहनी पड़ती है.
और जवाबदेही तय होने के बजाय प्रमोशन जैसा व्यवहार किया जाता है.
ये भी पढ़े :500 करोड़ का गोरखधंधा और यूपी सरकार पर सवाल: शुभम जायसवाल केस में जवाबदेही कब?
ये भी पढ़े :बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध और ईसाई अल्पसंख्यकों पर बढ़ती बर्बरता: भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल
लोकायुक्त की भूमिका पर सवाल
लोकायुक्त जैसे संवैधानिक पद का उद्देश्य ही भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच करना होता है. ऐसे में कांग्रेस का सवाल है कि,
यदि रिपोर्ट भेजी गई थी, तो लोकायुक्त को क्यों नहीं मिली?
और यदि नहीं मिली, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?
क्या लोकायुक्त कार्यालय ने रिपोर्ट की तलाश या पुनः मांग की?
इन सवालों का अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है.
लोकतंत्र और संस्थानों की साख पर असर?
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक रिपोर्ट के गायब होने का नहीं है, बल्कि,
संस्थागत पारदर्शिता, लोकतांत्रिक जवाबदेही, और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ,इन सभी पर सीधा प्रहार है.
यदि इनकम टैक्स जैसी संवैधानिक संस्था की रिपोर्ट भी गायब हो सकती है, तो आम नागरिक के लिए न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है,यह सवाल कांग्रेस लगातार उठा रही है.
क्या सरकार देगी जवाब?
कांग्रेस ने मांग किया है कि,इनकम टैक्स रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए,
यह स्पष्ट किया जाए कि रिपोर्ट कहां और किस स्तर पर रोकी गई
और जिन अधिकारियों पर आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच हो
अब देखने वाली बात यह होगी कि उत्तर प्रदेश सरकार, लोकायुक्त कार्यालय और केंद्र सरकार इस पर क्या जवाब देती हैं, या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दबकर रह जाएगा.
निष्कर्ष
इनकम टैक्स की 254 पन्नों की रिपोर्ट का रहस्यमयी तरीके से गायब होना और उससे जुड़े अधिकारियों को उच्च पदों से नवाज़ा जाना, कांग्रेस के अनुसार ‘डबल इंजन सरकार’ की कार्यशैली को उजागर करता है. यह मामला न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और लोकतंत्र की आत्मा से भी जुड़ा हुआ है.
अब सवाल यही है— सच सामने आएगा या फाइलों के ढेर में फिर दब जाएगा?

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.



















