अंकिता भंडारी हत्याकांड: नए आरोप, कांग्रेस का हमला और VIP की गुत्थी

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Ajit Kumar

भारत
अंकिता भंडारी हत्याकांड: नए आरोप, कांग्रेस का हमला और VIP की गुत्थी

अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP विवाद, कांग्रेस के आरोप और सियासत

तीसरा पक्ष ब्यूरो 26 दिसंबर उत्तराखंड की 19 वर्षीय युवती अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति और जनचर्चा के केंद्र में है। वर्ष 2022 में हुई इस जघन्य हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था.अब, जब मई 2025 में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है, उसी मामले में VIP गेस्ट की पहचान को लेकर फिर से गंभीर आरोप सामने आए हैं.कांग्रेस ने इस बार सीधे तौर पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का नाम जोड़ते हुए बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है.

यह मामला सिर्फ एक हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्ता, प्रभाव, महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली की पारदर्शिता जैसे सवालों से जुड़ गया है.

अंकिता भंडारी हत्याकांड: पूरा मामला संक्षेप में

सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी, जो पौड़ी जिले के यमकेश्वर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं, अचानक लापता हो गया. कुछ दिनों बाद उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ.

जांच में सामने आया कि रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्या, उसके सहयोगी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने अंकिता पर कथित तौर पर VIP गेस्ट को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया था. अंकिता के इनकार करने पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई.

मई 2025 में अदालत ने तीनों को हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. हालांकि, एक सवाल तब भी अनुत्तरित रह गया कि, वह VIP कौन था?

नया विवाद: दुष्यंत गौतम का नाम कैसे जुड़ा?

अब कांग्रेस ने इसी अधूरे सवाल को फिर से उठाया है.कांग्रेस के आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल @INCIndia से पोस्ट किए गए बयान में दावा किया गया कि अंकिता पर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला गया था.

कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता के इनकार के बाद उसकी हत्या कर दी गई और इस सच्चाई को दबाने की कोशिश की गई. पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि
क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने करीबी नेता पर कार्रवाई करेंगे या मामले को दबाया जाएगा?

वायरल ऑडियो-वीडियो और ‘गट्टू’ का जिक्र

यह पूरा विवाद एक वायरल ऑडियो और वीडियो क्लिप से और गहरा गया है. इसमें अभिनेत्री उर्मिला सनावर, जो खुद को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, दुष्यंत गौतम का नाम लेती नजर आती हैं.

क्लिप में ,गट्टू नाम का जिक्र है, जिसे कथित तौर पर दुष्यंत गौतम से जोड़ा जा रहा है. उर्मिला का दावा है कि सुरेश राठौर ने उन्हें बताया था कि अंकिता पर दुष्यंत गौतम को स्पेशल सर्विस देने का दबाव था.

हालांकि, इन दावों की अब तक कोई न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है.

भाजपा की प्रतिक्रिया और FIR

भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और साजिशपूर्ण बताया है. दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि वायरल क्लिप्स उनकी छवि खराब करने की कोशिश हैं.उन्होंने उत्तराखंड सरकार और पुलिस से इन वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने की मांग की है.

हरिद्वार पुलिस ने, सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर , के खिलाफ FIR दर्ज किया है.आरोप है कि दोनों जानबूझकर झूठी बातें फैलाकर मानहानि कर रहे हैं.

भाजपा का कहना है कि, दोषियों को सजा मिल चुकी है.
VIP के नाम पर नया राजनीतिक ड्रामा किया जा रहा है.

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कांग्रेस की मांग: CBI जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी

कांग्रेस इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग कर रहा है.पार्टी का आरोप है कि,

शुरुआती जांच में सबूत नष्ट किया गया.

प्रभावशाली लोगों को बचाया गया.

VIP की पहचान जानबूझकर छुपाई गई,

अंकिता की मां सोनी देवी ने भी कहा है कि यदि नए दावे हैं तो उन्हें अदालत में ठोस सबूतों के साथ रखा जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आये.

महिलाओं की सुरक्षा और सिस्टम पर सवाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, सत्ता के दुरुपयोग और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न है.

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे नारों के बीच ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि,

क्या गरीब और सामान्य परिवार की बेटियों को पूरा न्याय मिल पाता है?

क्या प्रभावशाली लोगों तक कानून की पहुंच समान रूप से होती है?

निष्कर्ष

अंकिता भंडारी का मामला आज भी अधूरा लगता है, क्योंकि VIP की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हो पाई है.नए आरोपों ने इस केस को फिर से चर्चा में ला दिया है, लेकिन सच्चाई तभी सामने आएगी जब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी.

न्याय सिर्फ सजा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरी सच्चाई का उजागर होना भी उतना ही जरूरी है. उत्तराखंड जैसे शांत राज्य में हुई यह घटना पूरे समाज को झकझोरने वाली है और यह मांग करती है कि राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय मिले.

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