2025 में देश की हालत: मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों में भाजपा सरकार की नाकामी का लेखा-जोखा

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Ajit Kumar

भारत
2025 में देश की हालत: मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों में भाजपा सरकार की नाकामी का लेखा-जोखा

लोकतंत्र, रोज़गार और महंगाई: खड़गे ने 2025 को बताया विफल साल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,31 दिसंबर साल 2025 के अंतिम दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने X (Twitter) पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिये केंद्र की भाजपा सरकार के 11 वर्षों के शासन पर गंभीर सवाल खड़ा किये. उनका यह बयान केवल राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि देश के सामाजिक, आर्थिक और लोकतांत्रिक ढांचे पर पड़ रहे प्रभावों की एक व्यापक तस्वीर पेश करता है.खड़गे के अनुसार 2025 भी जनता के लिए राहत का साल नहीं रहा, बल्कि लूट, भ्रष्टाचार और कुशासन का सिलसिला जारी रहा.

मनरेगा और काम के अधिकार पर सवाल

खड़गे का पहला और अहम आरोप मनरेगा को लेकर है. उनके मुताबिक सरकार ने मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म कर करोड़ों गरीबों से,काम का अधिकार छीन लिया है. ग्रामीण इलाकों में पहले से ही रोजगार की कमी है और मनरेगा जैसी योजनाओं का कमजोर होना सीधे तौर पर गरीब परिवारों की आजीविका पर असर डालता है.

वोटिंग अधिकार और SIR विवाद

लोकतंत्र की बुनियाद वोट देने का अधिकार है.खड़गे का दावा है कि बिना तैयारी और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की समुचित ट्रेनिंग के SIR प्रक्रिया लागू कर करोड़ों लोगों का मतदान अधिकार छीना गया.उन्होंने इसे,वोट चोरी करार देते हुए भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है.

आर्थिक असमानता और अमीर-गरीब की खाई

आर्थिक मोर्चे पर खड़गे ने चौंकाने वाले आंकड़ों की ओर इशारा किया है.उनके अनुसार भारत की कुल संपत्ति का लगभग 40% केवल टॉप 1% लोगों के पास सिमट गया है.यह बढ़ती आर्थिक असमानता सामाजिक तनाव और असंतोष को जन्म दे रही है, जबकि सरकार,सबका साथ, सबका विकास का नारा देती रही है.

गिरता रुपया और RBI की चुनौती

खड़गे ने रुपये की गिरती हालत पर भी सवाल उठाया है.उन्होंने कहा कि RBI को डॉलर की बिक्री के लिए 32 बिलियन डॉलर (करीब 2.8 लाख करोड़ रुपये) झोंकने पड़े, फिर भी रुपये की गिरावट थमी नहीं. इससे आयात महंगा हुआ और आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा है.

बेरोजगारी और पेपर लीक माफिया

युवाओं के लिए 2025 भी निराशाजनक रहा है. खड़गे के अनुसार युवा बेरोजगारी दर अब भी चरम पर है और सरकारी भर्तियों में पेपर लीक माफिया सक्रिय है. इससे न केवल मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि सिस्टम पर से भरोसा भी टूट रहा है.

विदेश नीति, ट्रंप और टैरिफ विवाद

खड़गे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाये.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाने वाले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया.इसके अलावा ट्रंप द्वारा बार-बार,मध्यस्थता के दावों और चीन की ओर से भी ऐसे संकेतों पर भारत सरकार की चुप्पी को उन्होंने चिंताजनक बताया है.

राष्ट्रीय सुरक्षा और बयानबाज़ी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना करते हुए भी खड़गे ने भाजपा मंत्रियों पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कुछ मंत्रियों द्वारा सेना की कर्नल पर की गई टिप्पणियां शर्मनाक थीं और इससे सेना का मनोबल प्रभावित होता है.

मणिपुर, महंगाई और GST

मणिपुर संकट को खड़गे ने मोदी-शाह सरकार की नाकामी बताया है.और कहा कि राष्ट्रपति शासन लगाकर सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश की गई है.वहीं महंगाई पर राहत न मिलने और GST कटौती को केवल,आंकड़ों की बाज़ीगरी करार दिया है .

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सामाजिक न्याय और पर्यावरण

दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों का जिक्र करते हुए खड़गे ने यहां तक कहा कि सुप्रीम कोर्ट के CJI को भी नहीं बख्शा गया.पर्यावरण के मोर्चे पर अरावली, निकोबार, हसदेव और मुंबई के मैंग्रोव पर कथित हमलों को उन्होंने सरकार की विफलता बताया.

निष्कर्ष

मल्लिकार्जुन खड़गे के X पोस्ट के अनुसार 2025 में भी भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है.बेरोजगारी, महंगाई, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और पर्यावरण—हर मोर्चे पर सवाल खड़ा हैं. कुल मिलाकर उनका निष्कर्ष यही है कि 2025 में भी,भाजपाई लूट, भ्रष्टाचार और कुशासन, देश की जनता पर हावी रहा है.

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