गोरखपुर में रैन बसेरों का निरीक्षण, CM योगी ने बांटे कंबल और भोजन
तीसरा पक्ष ब्यूरो यूपी,7 जनवरी — उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की शीतलहर के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार के लिए हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि शीतलहर के दौरान कोई भी बेसहारा, असहाय और जरूरतमंद व्यक्ति परेशान न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इसी संकल्प के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रत्येक जनपद में रैन बसेरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है, ताकि खुले में रहने को मजबूर लोगों को ठंड से राहत मिल सके. यह कदम न केवल प्रशासनिक तत्परता को दर्शाता है, बल्कि सरकार की मानवीय सोच और सामाजिक जिम्मेदारी को भी उजागर करता है.
गोरखपुर में रैन बसेरों का निरीक्षण: जमीनी हकीकत से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतलहर के बीच गोरखपुर के बरगदवाँ और राप्तीनगर स्थित रैन बसेरों का स्वयं निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली, व्यवस्थाओं की गुणवत्ता को परखा और वहां रह रहे लोगों से सीधा संवाद किया.
मुख्यमंत्री ने न केवल हालात का जायजा लिया, बल्कि जरूरतमंद लोगों को भोजन, ऊनी वस्त्र और कंबल भी वितरित किया .यह पहल इस बात का संकेत है कि सरकार केवल कागजी दावों तक सीमित नहीं है, बल्कि मैदान में उतरकर हालात को समझ रही है.
रैन बसेरे: शीतलहर में जीवन रक्षक व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में सर्दियों के मौसम में शीतलहर कई बार जानलेवा साबित होती है, खासकर उन लोगों के लिए जो फुटपाथों, रेलवे स्टेशनों या खुले स्थानों पर जीवन बिताने को मजबूर हैं.ऐसे में रैन बसेरे उनके लिए जीवन रक्षक साबित होते हैं.
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित रैन बसेरों में, सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छ वातावरण, गर्म भोजन, कंबल और ऊनी कपड़े, प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं
जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. मुख्यमंत्री के निरीक्षण से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार इन व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग कर रही है.
डबल इंजन सरकार का जमीनी संदेश
अपने X पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,आपकी डबल इंजन सरकार हर नागरिक के साथ हर मौसम, हर परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.
यह बयान केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाली कार्यशैली का प्रतिबिंब है.केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से चल रही योजनाएं, विशेषकर आपदा और मौसम आधारित राहत कार्य, उत्तर प्रदेश में तेजी और प्रभावशीलता के साथ लागू किए जा रहे हैं.
संवेदनशील शासन की मिसाल
योगी सरकार का यह कदम बताता है कि शासन केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग की चिंता करना भी उतना ही जरूरी है. शीतलहर जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों में त्वरित निर्णय और मानवीय दृष्टिकोण ही किसी सरकार की असली परीक्षा होता हैं.
रैन बसेरों का निरीक्षण, राहत सामग्री का वितरण और आम लोगों से संवाद,ये सभी कार्य संवेदनशील और जवाबदेह शासन की पहचान हैं.
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प्रशासन को स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री का अचानक निरीक्षण प्रशासन के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, राहत कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें
जरूरतमंद तक सुविधाएं वास्तव में पहुंचें, इससे जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों में भी जवाबदेही और सक्रियता बढ़ती है.
निष्कर्ष: ठंड में भरोसे की गर्माहट
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शीतलहर के बीच रैन बसेरों का निरीक्षण और राहत वितरण यह साबित करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार केवल शासन नहीं कर रही, बल्कि सेवा भाव से काम कर रही है.
जब कड़ाके की ठंड में सरकार खुद सड़क पर उतरकर बेसहारा लोगों की चिंता करती है, तो यह जनता के लिए भरोसे और सुरक्षा की गर्माहट बन जाती है.यही सुशासन की असली पहचान है,जहां नीति, प्रशासन और संवेदना एक साथ चलती हैं.

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