सपा प्रमुख बोले—समाज को बांटकर सत्ता बचाने की कोशिश
तीसरा पक्ष ब्यूरो लखनऊ,12 जनवरी 2026— समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर समाज को बांटने और नफरत की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां समाज के बीच ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जिससे लोग बहकावे में आकर आपस में ही दुर्भावनापूर्ण व्यवहार करने लगता हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक लंबे बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग खुद को राष्ट्रवादी बताते हैं, वे वास्तव में राष्ट्रविवादी हैं.उनका आरोप है कि ये ताकतें समाज के भीतर फूट डालकर, विवाद को जन्म देकर और द्वेष की राजनीति को हवा देकर सत्ता में बने रहना चाहती हैं.
भाजपा किसी की सगी नहीं है
अखिलेश यादव ने आम जनता को सतर्क करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को समझना होगा कि वे भाजपा की राजनीति के जाल में न फंसे. उन्होंने चेतावनी दी है कि जब लोग अनजाने में अपराध कर बैठते हैं और पुलिस कार्रवाई होती है, तब कोई भी भाजपाई उनके साथ खड़ा नहीं होता है.
उन्होंने अपने बयान में कहा है कि,यह स्थापित सत्य है कि भाजपा किसी की सगी नहीं है.
उनका कहना था कि नफरत की राजनीति में सबसे पहले और सबसे ज्यादा नुकसान उसी व्यक्ति को होता है, जो नफरत करता है.
ऊंच-नीच और सत्ता की राजनीति
सपा प्रमुख ने कहा कि समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव का भाव वही लोग बनाए रखना चाहते हैं, जो सत्ता की ऊंची कुर्सी पर बैठे रहना चाहते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज और राष्ट्र का सच्चा भला चाहने वाले लोग कभी भी समाज को आपस में नहीं लड़ाता है.
अखिलेश यादव के अनुसार,
सच्चे राष्ट्रहितैषी लोग समाज में फैली दूरियों को मिटाने का काम करते हैं, आपसी वैमनस्य को खत्म करने के लिए संवाद और समझौते का रास्ता अपनाते हैं और लोगों को जोड़ते हैं, न कि तोड़ते हैं.
आरोपी पछतावे के साथ क्षमा मांगें
अपने बयान में अखिलेश यादव ने एक हालिया कांड का परोक्ष उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि उसके आरोपी भाजपा की कथित साजिश को समझेंगे और अपने कृत्य पर पछतावा व्यक्त करेंगे.उन्होंने कहा कि पीड़ित से क्षमायाचना ही समाज को जोड़ने का पहला कदम हो सकता है.
उन्होंने दो टूक कहा कि समाज की एकता से ही राष्ट्र का निर्माण होता है और आपसी मेल-मिलाप से ही सामाजिक सौहार्द मजबूत होता है.
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प्रतिक्रिया का मार्ग विनाश का मार्ग है
अखिलेश यादव ने अपने संदेश के अंत में दार्शनिक अंदाज में कहा कि प्रतिक्रिया अंतहीन होती है और उसका रास्ता अंततः विनाश की ओर जाता है. यदि दुष्क्रिया का त्याग कर दिया जाए, तो प्रतिक्रिया की कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी.
उन्होंने लोगों से अच्छे इंसान बनने, नेकी के रास्ते पर चलने और शांति व सद्भाव को चुनने की अपील किया है. उनका कहना था कि इससे न केवल व्यक्ति को शांति और सुकून मिलेगा, बल्कि समाज और राष्ट्र में भी सौहार्दपूर्ण वातावरण बनेगा.
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अखिलेश यादव का यह बयान आगामी चुनावी माहौल और सामाजिक मुद्दों को केंद्र में रखकर दिया गया है. यह बयान भाजपा की राजनीति के नैरेटिव को चुनौती देने के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की ‘सामाजिक न्याय और सौहार्द’ की विचारधारा को फिर से रेखांकित करता है.
स्रोत:अखिलेश यादव, अध्यक्ष – समाजवादी पार्टी (X / Twitter पोस्ट)

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