Ajit Kumar

मनरेगा का नाम बदलने की मानसिकता क्या है? विकास से ध्यान हटाने की राजनीति या इतिहास मिटाने की कोशिश

मनरेगा का नाम बदलने की मानसिकता क्या है?

विकास से ध्यान हटाने की राजनीति या इतिहास मिटाने की कोशिश तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,13 दिसंबर 2025 भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एक बार फिर राजनीतिक बहस के ...

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Ajit Kumar

भारत नारे से नहीं, संविधान से चलता है: धार्मिक हिंसा पर गंभीर सवाल

भारत नारे से नहीं, संविधान से चलता है: धार्मिक हिंसा पर गंभीर सवाल

भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकार तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,13 दिसंबर 2025— भारत एक ऐसा लोकतांत्रिक देश है जिसकी बुनियाद संविधान, कानून और नागरिक स्वतंत्रताओं पर टिका है. यहां हर व्यक्ति को अपनी आस्था मानने, न मानने और व्यक्त ...

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Ajit Kumar

भारतीय लोकतंत्र बनाम संस्थागत संकटकाल: RJD के आरोपों का विश्लेषण

भारतीय लोकतंत्र बनाम संस्थागत संकटकाल: RJD के आरोपों का विश्लेषण

ECI सुप्रीम कोर्ट को भी बाईपास कर रहा है — क्या यह संवैधानिक संकट है? तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,12 दिसम्बर 2025— भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ मतदाता की आवाज़ सिर्फ अधिकार नहीं बल्कि राष्ट्रीय चरित्र की पहचान ...

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बिहार में जातीय और क्षेत्रीय ध्रुवीकरण की राजनीति: विकास के रास्ते में रोड़ा या विपक्ष की हताशा?

प्रेम रंजन पटेल, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा – प्रेस बयान पर आधारित विश्लेषणात्मक लेख तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,12 दिसम्बर 2025— बिहार की राजनीति एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है, जहां विपक्षी दल जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों ...

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वायु प्रदूषण: राष्ट्रीय आपदा और साझा ज़िम्मेदारी :राहुल गांधी के संदेश से सीख

वायु प्रदूषण: राष्ट्रीय आपदा और साझा ज़िम्मेदारी :राहुल गांधी के संदेश से सीख

भारत में वायु प्रदूषण का संकट: क्यों बढ़ रही है समस्या? तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,12 दिसंबर 2025 — भारत में वायु प्रदूषण आज सिर्फ पर्यावरणीय समस्या नहीं रहा, बल्कि यह एक तेज़ी से बढ़ती राष्ट्रीय आपदा बन चुका है. महानगरों ...

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Ajit Kumar

RSS, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस: क्या असली सवालों से ध्यान हट रहा है?

RSS, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय मुद्दों पर बहस: क्या असली सवालों से ध्यान हट रहा है?

संजय सिंह के X पोस्ट के संदर्भ में गहन विश्लेषण तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,12 दिसंबर 2025— देश की राजनीति एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां राष्ट्रवाद की बहस असली मुद्दों को पीछे छोड़ते दिखाई दे रहा है.आम ...

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Ajit Kumar

खाद की कालाबाजारी पर राजद का गंभीर आरोप

खाद की कालाबाजारी पर राजद का गंभीर आरोप

माफियाओं को सत्ता का संरक्षण — अरुण यादव की कड़ी चेतावनी तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 11 दिसंबर 2025 — बिहार में खाद की कालाबाजारी एक बार फिर राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है.राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश ...

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दलितों की आवाज़ और संसद की चुप्पी: क्या लोकतंत्र का यह भी एक चेहरा है?

दलितों की आवाज़ और संसद की चुप्पी: क्या लोकतंत्र का यह भी एक चेहरा है?

(Supriya Shrinate के X पोस्ट के हवाले से) जब सवाल हकीकत से टकराते हैं तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,9 दिसंबर 2025 — भारत का लोकतंत्र अपने आपको विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहता है, लेकिन क्या यह लोकतंत्र हर नागरिक को ...

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चुनाव सुधार पर बहस: मायावती ने उठाए तीन बड़े मुद्दे, कहा— जल्दबाज़ी नहीं, पारदर्शिता ज़रूरी है

चुनाव सुधार पर बहस: मायावती ने उठाए तीन बड़े मुद्दे, कहा— जल्दबाज़ी नहीं, पारदर्शिता ज़रूरी है

अपराधी पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों पर पारदर्शिता—किसकी जिम्मेदारी? तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,9 दिसंबर 2025— संसद में आज जब चुनाव सुधार पर गहन चर्चा हो रही है, उसी दौरान बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने X (पूर्व Twitter) पर लगातार ...

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Ajit Kumar

मेरा कसूर क्या था?—किसानों की गिरफ्तारी पर केजरीवाल का वार

मेरा कसूर क्या था?—किसानों की गिरफ्तारी पर केजरीवाल का वार

अन्नदाता जेल में, अपराधी आज़ाद?—केजरीवाल का बड़ा सवाल तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना,8 दिसंबर 2025 — भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में किसी भी नागरिक को अपनी बात कहने का अधिकार है.लेकिन हाल ही में कुछ घटनाओं ने यह चिंता बढ़ा दिया ...

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