व्यवसायी महासंघ ने अपराध, फुटपाथी दुकानदारों पर कार्रवाई और अधिकारियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया
तीसरा पक्ष ब्यूरो: व्यवसायी महासंघ, बिहार राज्य परिषद की पहली बैठक रविवार, 13 सितंबर 2026 को आरा में आयोजित की गई.बैठक की अध्यक्षता महासंघ के राज्य अध्यक्ष एवं आरा सांसद कॉमरेड सुदामा प्रसाद ने की. बैठक में बिहार के व्यवसायियों की सुरक्षा, सम्मान, व्यापार के विकास और बाजारों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. महासंघ ने कई मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया.

व्यवसायियों के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता
बैठक में बिहार में व्यवसायियों के खिलाफ चोरी, छिनतई, हत्या सहित अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई.महासंघ ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए व्यवसायियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की.
महासंघ का कहना है कि बाजारों में कारोबार करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है. इसी क्रम में बाजार क्षेत्रों में 24 घंटे मोबाइल पुलिस व्यवस्था की मांग भी बैठक में उठाई गई.
फुटपाथी और छोटे दुकानदारों के रोजगार का मुद्दा
बैठक में अतिक्रमण के नाम पर फुटपाथी एवं छोटे दुकानदारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर भी चिंता जताई गई. महासंघ ने सरकार से गरीब, फुटपाथी और छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशील नीति अपनाने तथा उनके रोजगार की रक्षा करने की मांग की.
महासंघ के अनुसार, छोटे कारोबारियों के सामने रोजगार और बाजार में जगह से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हैं. संगठन ने इन मुद्दों को लेकर भी आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
दिलीप वर्मा के परिवार से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बैठक में सिवान के सोना-चांदी कारोबारी दिलीप वर्मा की 9 अगस्त को हुई हत्या के बाद उनके शोक-संतप्त परिवार से मिलने का निर्णय लिया गया.इसके लिए व्यवसायी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल 18 सितंबर को सिवान जाएगा.
यह निर्णय व्यवसायियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को लेकर महासंघ की आगामी गतिविधियों का हिस्सा है.
बाजारों में बुनियादी सुविधाओं की मांग
व्यवसायी महासंघ ने राज्य के चट्टी-बाजारों और प्रमुख बाजारों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया. संगठन ने शुद्ध पेयजल, पर्याप्त रोशनी, शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल पुलिस व्यवस्था, जर्जर सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की मांग की.
इन मांगों को लेकर जिला और राज्य स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है. महासंघ का उद्देश्य बाजारों में व्यापार करने वाले लोगों के साथ-साथ वहां आने वाले ग्राहकों के लिए भी बेहतर बुनियादी सुविधाओं की मांग को सामने रखना है.
जीएसटी, आयकर और नाप-तौल विभाग को लेकर भी आंदोलन
बैठक में जीएसटी, आयकर और नाप-तौल विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यवसायियों के कथित उत्पीड़न, शोषण एवं दोहन का मुद्दा भी उठाया गया. महासंघ ने ऐसे मामलों के खिलाफ धारावाहिक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया.
महासंघ ने कहा कि कानूनों के पालन के नाम पर व्यवसायियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने और भय का वातावरण बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। हालांकि, बैठक में लगाए गए ये आरोप महासंघ के पक्ष और दावे के रूप में सामने आए हैं.
सदस्यता अभियान के बाद बाजार कमेटियों का गठन
बैठक में संगठन को राज्य के सभी जिलों के चट्टी-बाजारों और प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने की रणनीति भी तय की गई. महासंघ व्यापक सदस्यता अभियान चलाएगा, जिसके बाद बाजार स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर बाजार कमेटियों का गठन किया जाएगा.
इस पहल के जरिए स्थानीय स्तर पर व्यवसायियों को संगठन से जोड़ने और उनके मुद्दों को संगठित तरीके से उठाने की योजना बनाई गई है.
राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय आयोग की मांग
व्यवसाय और व्यवसायियों के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यवसाय आयोग के गठन की मांग भी बैठक में उठाई गई. महासंघ ने आगामी बजट सत्र से पहले दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है.
बैठक में महासंघ की ओर से कहा गया कि देश में व्यवसायियों के कई संगठन हैं, लेकिन व्यवसायियों से जुड़े बुनियादी सवालों को पर्याप्त रूप से नहीं उठाया जा रहा है। महासंघ ने इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर संगठित तरीके से उठाने की बात कही.
ये भी पढ़े :चंद्रशेखर आजाद ने पंचायत सहायकों के आंदोलन को दिया समर्थन
ये भी पढ़े :उत्तराखंड में लीज जमीन को लेकर कांग्रेस के गंभीर सवाल
ऑनलाइन व्यापार से छोटे कारोबारियों के सामने चुनौती
बैठक में ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव से छोटे और मझोले व्यवसायियों के सामने उत्पन्न हो रहे संकट पर भी चर्चा हुई.महासंघ ने छोटे एवं मझोले कारोबार को संरक्षण देने तथा ऑनलाइन व्यापार की प्रतिस्पर्धा के बीच पारंपरिक व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत कदम उठाने की मांग की.
यह मुद्दा खास तौर पर उन पारंपरिक कारोबारियों से जुड़ा है जो स्थानीय बाजारों में लंबे समय से कारोबार कर रहे हैं और अब ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं.
कई जिलों के पदाधिकारी बैठक में शामिल
बैठक में वैशाली से महेंद्र शाह, पूर्वी चंपारण से पूनम देवी, बेगूसराय से अनिल कुमार, पटना से मोहम्मद अकबर, पटना से सुनील कुमार सोनी, आरा से कृष्णा रंजन गुप्ता, आरा से रामेश्वर कुमार, छपरा से सुनील कुमार गुप्ता, छपरा से सुरेंद्र यादव और पटना सिटी से शंभूनाथ मेहता सहित महासंघ के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे.
निष्कर्ष
व्यवसायी महासंघ, बिहार राज्य परिषद की पहली बैठक में व्यवसायियों की सुरक्षा, छोटे दुकानदारों के रोजगार, बाजारों की बुनियादी सुविधाओं, विभागीय कार्रवाई और ऑनलाइन व्यापार से पैदा हो रही प्रतिस्पर्धा जैसे कई मुद्दों को केंद्र में रखा गया. महासंघ ने इन सवालों को लेकर सदस्यता अभियान, बाजार कमेटियों के गठन से लेकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तय की है. 18 सितंबर को सिवान में दिलीप वर्मा के परिवार से प्रस्तावित मुलाकात के साथ महासंघ की आगामी गतिविधियों की शुरुआत भी दिखाई दे रही है.

I am a blogger and social media influencer. I have about 5 years experience in digital media and news blogging.


















