सम्राट चौधरी और प्रह्लाद जोशी ने बिहार की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा, किसानों को दिनभर बिजली देने के निर्देश

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Ajit Kumar

बिहार
पटना में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

किसानों को दिनभर बिजली और सौर योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना : बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के विस्तार और कृषि क्षेत्र को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में बिहार की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

बैठक में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी शामिल हुए. बैठक के दौरान राज्य में सौर ऊर्जा, कृषि क्षेत्र के सौरकरण तथा केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई.

यह जानकारी IPRD Bihar द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर साझा की गई.

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किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक निर्बाध बिजली देने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.

सरकार का मानना है कि दिन के समय नियमित बिजली उपलब्ध होने से किसानों को सिंचाई कार्य में सुविधा मिलेगी, डीजल पर निर्भरता कम होगी और कृषि लागत में भी कमी आएगी.

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को गति देने पर जोर

समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी एवं व्यापक क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें और बिजली के खर्च में कमी ला सकें.

यह योजना देशभर में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहित करती है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और बिजली बचत दोनों को बढ़ावा मिलता है.

पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि क्षेत्र के सौरकरण पर विशेष ध्यान

बैठक में पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र के सोलराइजेशन (Solarization of Agriculture) को तेज करने पर भी विशेष चर्चा हुई.

इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना, कृषि कार्यों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना तथा पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना है.

यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो इससे किसानों की ऊर्जा लागत घटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.

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बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास

बैठक के दौरान राज्य में चल रही विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. सरकार का लक्ष्य सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच मजबूत करना है.

विशेषज्ञों का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से भविष्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सकती है तथा राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी.

आधिकारिक जानकारी

यह जानकारी IPRD Bihar द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई आधिकारिक सूचना पर आधारित है.पोस्ट के अनुसार बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की समीक्षा, किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं पीएम-कुसुम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया.

निष्कर्ष

बिहार सरकार और केंद्र सरकार के बीच हुई यह समीक्षा बैठक राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और कृषि क्षेत्र को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यदि बैठक में दिए गए निर्देश समयबद्ध तरीके से लागू होते हैं तो किसानों को नियमित बिजली आपूर्ति, सौर ऊर्जा के उपयोग में वृद्धि और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है.

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