दिल्ली में बीजेपी के वादों की पोल: AAP का आरोप—जनता से किए गए वादे निकले जुमले

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Ajit Kumar

भारत
दिल्ली में बीजेपी के वादों की पोल: AAP का आरोप—जनता से किए गए वादे निकले जुमले

गिग वर्कर्स से लेकर महिलाओं तक: AAP ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

तीसरा पक्ष ब्यूरो 31 दिसंबर— दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दिल्ली की जनता से किए गए वादों को पूरा न करने का गंभीर आरोप लगाया है. AAP के आधिकारिक X (Twitter) हैंडल से जारी पोस्ट और विधायक कुलदीप कुमार के बयान के अनुसार, बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने से पहले जिन योजनाओं और सुविधाओं का वादा किया था, वे ज़मीन पर कहीं दिखाई नहीं देतीं है.पार्टी का दावा है कि दिल्ली की जनता अब समझ चुकी है कि कौन काम की राजनीति करता है और कौन सिर्फ जुमलों की.

X पोस्ट का संदर्भ

AAP ने अपने X पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीजेपी ने दिल्ली की जनता को गुमराह किया है.पोस्ट में गिनाए गए मुद्दे सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन से जुड़ा हैं,चाहे वह गिग वर्कर्स का जीवन बीमा हो, महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार या यमुना नदी की सफाई.

मुख्य आरोप और मुद्दे

गिग वर्कर्स को जीवन बीमा नहीं मिला

AAP का कहना है कि बीजेपी ने गिग वर्कर्स,जैसे डिलीवरी बॉय, कैब ड्राइवर और फ्रीलांसर कर्मचारियों—को जीवन बीमा देने का वादा किया था.लेकिन हकीकत में अब तक कोई ठोस योजना लागू नहीं हुई है. आज भी लाखों गिग वर्कर्स बिना सामाजिक सुरक्षा के काम करने को मजबूर हैं.

यमुना सफाई के नाम पर फर्ज़ीवाड़ा

यमुना नदी की सफाई दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. AAP का आरोप है कि बीजेपी ने इस मुद्दे को केवल चुनावी प्रचार तक सीमित रखा है.ज़मीनी स्तर पर यमुना की हालत जस की तस बनी हुई है, जबकि करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किया गया.

महिलाओं को ₹2500 प्रति माह नहीं मिला

बीजेपी ने महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था.AAP के मुताबिक यह वादा आज भी कागज़ों में ही सिमटा हुआ है. महंगाई से जूझ रही महिलाओं को इस योजना से कोई वास्तविक राहत नहीं मिली.

मुफ्त गैस सिलिंडर का वादा अधूरा

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच मुफ्त गैस सिलिंडर का वादा जनता के लिए उम्मीद की किरण था.लेकिन AAP का कहना है कि यह भी एक और चुनावी जुमला साबित हुआ, क्योंकि ज़मीनी स्तर पर इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंचा.

युवाओं को रोजगार नहीं मिला

युवाओं को रोजगार देने का वादा हर चुनाव में किया जाता है, लेकिन AAP का आरोप है कि बीजेपी सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही.बेरोजगारी दर में कमी आने के बजाय युवाओं की समस्याएं और बढ़ी हैं.

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AAP बनाम BJP: काम की राजनीति बनाम जुमलों की राजनीति

AAP ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली की जनता ने यह साफ देख लिया है कि अरविंद केजरीवाल की सरकार जो कहती थी, वह करके दिखाती थी. चाहे शिक्षा में सुधार हो, मोहल्ला क्लिनिक हों या बिजली-पानी की योजनाये,AAP सरकार ने अपने वादों को लागू किया. इसके विपरीत, पार्टी का आरोप है कि बीजेपी सरकार केवल बड़े-बड़े वादे और भाषण देने तक सीमित रह गया .

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनमत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोप आने वाले समय में दिल्ली की राजनीति को और गरमायेगा.आम जनता के रोज़मर्रा के मुद्दों से जुड़े वादों का अधूरा रहना किसी भी सरकार के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है. AAP इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर बीजेपी को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है.

जनता से सवाल

क्या चुनावी वादों को पूरा न करना लोकतंत्र के साथ धोखा नहीं है?

गिग वर्कर्स और महिलाओं के लिए घोषित योजनाएं कब ज़मीन पर उतरेंगी?

यमुना सफाई के नाम पर खर्च किए गए पैसों का हिसाब कौन देगा?

दिल्ली के युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस नीति कब बनेगी?

निष्कर्ष

AAP के आरोपों ने एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में जवाबदेही का मुद्दा खड़ा कर दिया है. जनता अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम चाहता है. यदि बीजेपी सरकार अपने वादों को जल्द पूरा नहीं करती, तो इसका सीधा असर जनविश्वास पर पड़ सकता है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इन आरोपों का क्या जवाब देती है और क्या वाकई ज़मीनी स्तर पर बदलाव देखने को मिलता है.

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