जयराम रमेश ने कहा- हर धर्म और भाषा का सम्मान जरूरी, RSS पर संविधान के मूल्यों के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप
तीसरा पक्ष ब्यूरो नई दिल्ली: कांग्रेस ने भारत की विविधता, धर्मनिरपेक्षता और संवैधानिक मूल्यों को लेकर अपनी आधिकारिक सोच एक बार फिर स्पष्ट किया है. कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश के सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए विचारों का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि भारत अनेक धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों वाला देश है तथा यही विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है.
कांग्रेस के अनुसार देश के प्रत्येक धर्म, भाषा और क्षेत्र का सम्मान करना भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक समरसता की मूल भावना है. पार्टी का कहना है कि भारत की एकता उसकी सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता में निहित है और इसी कारण सभी समुदायों को समान सम्मान मिलना चाहिए.
कांग्रेस ने धर्म-विरोधी होने के आरोपों को बताया गलत
अपने बयान में कांग्रेस ने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है , जिनमें पार्टी को धर्म-विरोधी बताया जाता है. कांग्रेस ने कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है.
पार्टी के अनुसार वह भारत को एक बहु-धार्मिक समाज मानती है और इसी कारण संविधान के अनुरूप एक धर्मनिरपेक्ष राज्य की अवधारणा का समर्थन करती है. कांग्रेस का कहना है कि धर्मनिरपेक्षता का उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान और निष्पक्ष शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
RSS पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा है. पार्टी का आरोप है कि कई दशकों से RSS आजादी की लड़ाई के आदर्शों, भारतीय संविधान में निहित मूल्यों तथा कांग्रेस नेताओं की विरासत के खिलाफ लगातार वैचारिक अभियान चलाता रहा है.
कांग्रेस का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य भारतीय राजनीति और समाज की मूल संरचना तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विचारों को बदलना रहा है.
संविधान और स्वतंत्रता आंदोलन का किया उल्लेख
कांग्रेस ने कहा कि भारत का संविधान समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित है. पार्टी का कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जिन आदर्शों के लिए संघर्ष किया गया था, उन्हें बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है.
कांग्रेस ने दोहराया कि वह संवैधानिक संस्थाओं, लोकतांत्रिक व्यवस्था और भारत की बहुलतावादी पहचान के संरक्षण के पक्ष में खड़ी है.
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राजनीतिक महत्व
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब देश में धर्मनिरपेक्षता, संविधान और वैचारिक राजनीति को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच लगातार बहस जारी है. कांग्रेस अपने इस संदेश के माध्यम से खुद को संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समावेश और बहुलतावादी विचारधारा का समर्थक बताने की कोशिश कर रही है.
वहीं, RSS और भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से अपने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को सामने रखते रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस का यह बयान दोनों विचारधाराओं के बीच जारी वैचारिक बहस का एक और उदाहरण माना जा रहा है.
निष्कर्ष
कांग्रेस के ताजा बयान में भारत की विविधता, धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया गया है. साथ ही पार्टी ने RSS पर स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध अभियान चलाने का आरोप लगाया है. यह कांग्रेस का राजनीतिक और वैचारिक पक्ष है. इन आरोपों पर RSS की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है.
स्रोत: कांग्रेस (@INCIndia) के आधिकारिक X पोस्ट एवं कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश (@Jairam_Ramesh) के सोशल मीडिया बयान के आधार पर

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