Mallikarjun Kharge का बड़ा आरोप: MGNREGA और संविधान पर संकट

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Ajit Kumar

भारत
Mallikarjun Kharge का बड़ा आरोप: MGNREGA और संविधान पर संकट

CWC बैठक में खड़गे का आरोप: MGNREGA खत्म करना गरीबों पर सीधा हमला

तीसरा पक्ष ब्यूरो दिल्ली, 27 दिसंबर— कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में दिये गये अपने वक्तव्य के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतंत्र, संविधान और गरीबों के अधिकारों को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है. खड़गे ने खासतौर पर MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को कथित रूप से समाप्त किए जाने को गरीबों पर सीधा हमला करार दिया है. उनका यह बयान न सिर्फ राजनीतिक रूप से अहम है, बल्कि आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन की भूमिका भी तैयार करता है.

लोकतंत्र और संविधान पर संकट: खड़गे की मुख्य चिंता

लोकतंत्र और संविधान पर संकट: खड़गे की मुख्य चिंता

खड़गे ने कहा कि देश आज ऐसे दौर से गुजर रहा है जब लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों पर चारों तरफ संकट छाया हुआ है. उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार नीतियों के जरिए गरीब, कमजोर और हाशिए पर खड़े तबकों को निशाना बना रहा है.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं, बल्कि चंद बड़े पूंजीपतियों के मुनाफे हैं.

MGNREGA पर हमला: गरीबों की रीढ़ तोड़ने की साजिश?

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने MGNREGA को समाप्त कर दिया, जिससे करोड़ों ग्रामीण गरीबों को बेसहारा कर दिया गया है. खड़गे के शब्दों में,

गरीबों के पेट पर लात मारने के साथ उनकी पीठ में छुरा घोंपा गया है.

उन्होंने इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान बताया और सोनिया गांधी द्वारा लिखे गए उस लेख का हवाला दिया, जिसमें MGNREGA को गांधीजी के सर्वोदय के सपने की साकार अभिव्यक्ति बताया गया था.

संविधान के DPSP और ‘Right to Work’ पर चोट

संविधान के DPSP और ‘Right to Work’ पर चोट

खड़गे ने याद दिलाया कि भारतीय संविधान के Directive Principles of State Policy (Article 41) के तहत Right to Work की भावना को UPA सरकार ने MGNREGA के जरिए जमीन पर उतारा. उन्होंने कहा कि,

Right to Work, Right to Food, Right to Education, Right to Health

जैसे अधिकारों पर UPA ने ऐतिहासिक काम किया, लेकिन मोदी सरकार ने Right to Work पर सुनियोजित और क्रूर हमला किया है.

MGNREGA: ग्रामीण भारत की रीढ़

खड़गे ने विस्तार से बताया कि MGNREGA ने,

ग्रामीण पलायन को रोका,

गांवों को अकाल, भूख और शोषण से राहत दिया ,

दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों को सम्मान के साथ जीने का भरोसा दिया,

उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत में गरीबी से बाहर निकली एक पूरी पीढ़ी मौजूद है, जो मनरेगा की बदौलत स्कूल पहुंची, पढ़ी-लिखी और आत्मनिर्भर बनी.

बिना सलाह के फैसला: तीन कृषि कानूनों से तुलना

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने,

बिना किसी अध्ययन

बिना राज्यों से सलाह

बिना राजनीतिक सहमति

MGNREGA को खत्म कर नया कानून थोप दिया, ठीक वैसे ही जैसे तीन काले कृषि कानून थोपा गया था .
उन्होंने किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे 700 से ज्यादा किसानों की शहादत के बाद सरकार को कानून वापस लेना पड़ा था.

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देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

खड़गे ने साफ कहा है कि,

इस समय देशव्यापी आंदोलन की जरूरत है.

उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह भूमि अधिग्रहण कानून और कृषि कानूनों के मामले में जनता की ताकत से सरकार को पीछे हटना पड़ा, उसी तरह MGNREGA को भी बहाल करना पड़ेगा, जैसा कि राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं.

संगठन सृजन और चुनावी तैयारी

खड़गे ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए बताया कि,

देश के करीब 500 जिलों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त हो चुका हैं.

अगले 120 दिनों में शेष जिलों में प्रक्रिया पूरी होगी.

उन्होंने 2026 और 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और लड़ाकू बनाने का आह्वान किया है.

वोटर लिस्ट, SIR और चुनाव आयोग पर सवाल

खड़गे ने SIR और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की साजिश बताया है .
उन्होंने खासतौर पर दलित, आदिवासी, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम मतदाता सूची से काटे जाने की आशंका जताई और BLAs को घर-घर जाकर जांच करने का निर्देश दिया.

निष्कर्ष

मल्लिकार्जुन खड़गे का यह वक्तव्य साफ संकेत देता है कि कांग्रेस MGNREGA, संविधान और लोकतंत्र को लेकर आक्रामक मोड में है. आने वाले समय में यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जन आंदोलन का रूप ले सकता है.
खड़गे के शब्दों में,
कोई तानाशाह जनता के अधिकार नहीं छीन सकता.
अब देखना होगा कि यह लड़ाई सड़कों से संसद तक कितना असर दिखाती है.

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