नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम

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Ajit Kumar

बिहार
पटना भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ता पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन सम्मेलन संबोधन सुनते हुए

पटना भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ता पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन सम्मेलन संबोधन सुनते हुए

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 13 अप्रैल: देश में महिलाओं के अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कियाइस अवसर पर बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय, पटना में भी विशेष व्यवस्था की गई, जहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम को सुना.

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प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में बड़ी स्क्रीन के जरिए कार्यकर्ताओं और महिला पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक उद्बोधन को ध्यानपूर्वक सुना. इस दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल, उपाध्यक्ष अनामिका पासवान, एमएलसी अनामिका सिंह, निवेदिता सिंह, प्रवक्ता प्रीति शेखर समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं.

नारी शक्ति: समाज की आधारशिला और राष्ट्र निर्माण की ताकत

कार्यक्रम के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति केवल समाज की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे सशक्त प्रेरणा भी है.उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना किसी भी समाज या राष्ट्र की कल्पना अधूरी है.

उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं को समान अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया. उनके अनुसार, यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल कर लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा.

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पीएम मोदी का दृष्टिकोण: महिलाओं को मिले समान भागीदारी

संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साकार रूप को विस्तार से प्रस्तुत किया.उन्होंने बताया कि यह पहल केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का एक व्यापक अभियान है.

प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं को भी कानून बनाने और देश की नीतियों को तय करने में समान भागीदारी मिलनी चाहिए। यह सोच भारत को एक समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा यह विधेयक

संजय सरावगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक के माध्यम से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा.

उन्होंने कहा कि, इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी, समाज में समानता और संतुलन स्थापित होगा.

यह पहल केवल वर्तमान के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में भारत के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को मजबूत करेगी.

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2023 में पेश हुआ ऐतिहासिक विधेयक

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में राज्यसभा और लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पेश किया था.उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इसे 30 वर्षों तक पारित नहीं कर सकी.

उन्होंने प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है, जो 16 से 18 तारीख तक आयोजित होगा.

सर्वसम्मति से पारित होने की उम्मीद

संजय सरावगी ने आशा व्यक्त की कि यह महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित होगा. उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकार और सम्मान से जुड़ा विषय है.

निष्कर्ष

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन देशभर में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक नई ऊर्जा और उम्मीद लेकर आया है. बिहार में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इसे सामूहिक रूप से सुनना इस बात का संकेत है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है.

संजय सरावगी के अनुसार, यह पहल भारत को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जाएगी जहां महिलाएं केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता की भूमिका में भी होंगी.नारी शक्ति वंदन अधिनियम वास्तव में एक ऐसे भारत की नींव रख रहा है, जहां समानता, सम्मान और अवसर हर महिला का अधिकार होगा.

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